उत्तराखण्ड
मिशन 2027: राहुल गांधी की अल्मोड़ा रैली से शंखनाद करेगी कांग्रेस, प्रियंका गांधी भी आएंगी उत्तराखंड
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जून दौरे को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमाई। चार जून को अल्मोड़ा में होगी बड़ी रैली, हरीश रावत और यशपाल आर्य ने संभाला मोर्चा।
हल्द्वानी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जून माह में होने वाले उत्तराखंड दौरे को लेकर कुमाऊं की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में आगामी चार जून को अल्मोड़ा में होने वाली राहुल गांधी की विशाल रैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक में एक अचूक रणनीति तैयार की गई है।
इस महत्वपूर्ण रैली की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खुद अल्मोड़ा पहुंचे। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने इस दौरान ब्लॉक और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं। पार्टी का दावा है कि अल्मोड़ा की इस रैली में 12 हजार से अधिक लोगों की भारी भीड़ जुटेगी। रैली को सफल बनाने के लिए कुमाऊं के साथ-साथ गढ़वाल मंडल से भी भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि राहुल गांधी का यह दौरा प्रदेश में राजनीतिक परिवर्तन की प्रक्रिया को मजबूत करने का काम करेगा। वहीं, वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राज्य की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। राहुल गांधी के इस दौरे से पहले सबसे खास बात यह रही कि लंबे समय से चली आ रही कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी पूरी तरह थमती नजर आई।
उत्तराखंड कांग्रेस के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है कि राहुल गांधी के बाद अब प्रियंका गांधी के भी जल्द उत्तराखंड आने की संभावना है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने नई दिल्ली में प्रियंका गांधी से मुलाकात कर उन्हें देवभूमि आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। प्रियंका गांधी के इस संभावित दौरे और राहुल गांधी की अल्मोड़ा रैली से साफ है कि कांग्रेस राज्य में भाजपा की चुनावी हैट्रिक रोकने के लिए अभी से शंखनाद कर चुकी है।
