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नैनीताल: राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे के कारण 4 नवंबर को स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बंद

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डीएम ललित मोहन रयाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भ्रमण को देखते हुए 4 नवंबर मंगलवार को नैनीताल व भवाली के सभी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया। हल्द्वानी में दोपहर 1 बजे तक छुट्टी।

नैनीताल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मंगलवार 4 नवंबर को होने वाले भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ललित मोहन रयाल ने नैनीताल और भवाली नगर पालिका क्षेत्र के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह आदेश मंगलवार 4 नवंबर को लागू रहेगा। इस दौरान सभी शासकीय, अशासकीय, अर्धशासकीय स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद रहेंगे।
डीएम ललित मोहन रयाल की ओर से जारी आदेश में यह भी बताया गया है कि हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में भी आंशिक रूप से अवकाश रहेगा। हल्द्वानी क्षेत्र में काठगोदाम से आर्मी हेलीपैड तक के यात्रा मार्ग से लगे हुए सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र मंगलवार को दोपहर एक बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। यानी इन क्षेत्रों में दोपहर 1 बजे के बाद छुट्टी हो जाएगी। यह फैसला राष्ट्रपति के नैनीताल से वापसी के दौरान मार्ग में संभावित यातायात और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का नैनीताल में आगमन राज्य स्थापना की रजत जयंती के विशेष सत्र में शामिल होने के बाद हुआ है। प्रशासन ने उनके कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। नैनीताल और भवाली में स्कूल बंद रखने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि अति विशिष्ट व्यक्ति (VVIP) के आगमन के दौरान मार्ग पर छात्रों और अभिभावकों की भीड़ न हो, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था या जाम की स्थिति से बचा जा सके। यह डीएम आदेश तत्काल प्रभाव से सभी संबंधित संस्थानों पर लागू हो गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मंगलवार को छुट्टी रहेगी, लेकिन सोमवार (आज) को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र अपने निर्धारित समय के अनुसार ही संचालित होंगे। अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन करें। राष्ट्रपति मुर्मू के कार्यक्रम के कारण लिया गया यह फैसला नैनीताल जिले के कई हजारों छात्रों को प्रभावित करेगा, लेकिन यह सुरक्षा और सुगम व्यवस्था के लिए अनिवार्य माना गया है।

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