नई दिल्ली
नए आयकर नियम लागू: 1 अप्रैल 2026 से बदल गई आपकी सैलरी और टैक्स की दुनिया
1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो गया है। जानें टैक्स स्लैब, HRA छूट और ITR फाइलिंग में हुए बड़े बदलावों का आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।
नई दिल्ली: भारत में आज यानी 1 अप्रैल 2026 से वित्तीय दुनिया में एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। सरकार ने दशकों पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को पूरी तरह बदल दिया है। अब इसकी जगह ‘नया आयकर अधिनियम 2025’ (Income Tax Act 2025) प्रभावी हो गया है। इस बदलाव का सीधा असर करोड़ों नौकरीपेशा और व्यापारियों की जेब पर पड़ने वाला है।
प्रमुख बदलाव और टैक्स स्लैब
नए कानून के तहत ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ जैसे शब्दों को खत्म कर दिया गया है। अब इनकी जगह सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ (Tax Year) का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, मौजूदा टैक्स स्लैब में कोई बड़ी कटौती नहीं की गई है, लेकिन नियमों के सरलीकरण से करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। अब कर भुगतान की प्रक्रिया पहले से अधिक डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी।
महानगरों के लिए HRA में बड़ी राहत
किराए के मकान में रहने वाले कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर है। आयकर नियम 2026 के तहत अब बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को भी ‘मेट्रो सिटी’ की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि इन शहरों में रहने वाले लोग अब 50% HRA छूट का दावा कर सकेंगे। इससे पहले यह सुविधा सिर्फ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई तक सीमित थी।
प्रतिक्रियाएं और निष्कर्ष
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों से टैक्स विवादों में कमी आएगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के अनुसार, आईटीआर (ITR) फाइल करने की समय सीमा और फॉर्म में भी बदलाव किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य इस नए अधिनियम के जरिए कर व्यवस्था को सरल बनाना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे अपने निवेश और टैक्स प्लानिंग को नए नियमों के अनुसार अपडेट कर लें।
