Report by : CWN Desk
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हरिद्वार में काव्य संकलन ‘मीत के अनोखे रंग’ का विमोचन: विधायक आदेश चौहान ने की अमित ‘मीत’ की सराहना

हरिद्वार के ज्वालापुर में कवि अमित कुमार गुप्ता ‘मीत’ के पहले काव्य संकलन ‘मीत के अनोखे रंग’ का भव्य विमोचन हुआ। रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने की शिरकत।

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित विद्या विहार एकेडमी के सभागार में एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि अमित कुमार गुप्ता ‘मीत’ के प्रथम काव्य संकलन ‘मीत के अनोखे रंग’ का गरिमामय विमोचन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे रानीपुर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक आदेश चौहान ने पुस्तक का विमोचन करते हुए लेखक को बधाई दी। इस दौरान देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन और विमोचन कार्यक्रम में धर्मनगरी के तमाम दिग्गज साहित्यकार, लेखक और प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक आदेश चौहान ने कहा कि एक कवि, लेखक या साहित्यकार को अपने उत्कृष्ट साहित्यिक सृजन के लिए बहुत अधिक धैर्य, अटूट समर्पण और गहरे अनुभव की आवश्यकता होती है। तभी कोई रचनाकार ऐसी सार्थक कृति का सृजन कर पाता है, जिसे समाज और आने वाली पीढ़ियां कृतज्ञता के साथ स्वीकार करती हैं। विधायक ने इस अवसर पर अमित ‘मीत’ की पुस्तक में संकलित एक बेहद खूबसूरत रचना ‘हसरतें कोशिशें से पूरी होती हैं, हसरतें न हों तो जिंदगी अधूरी होती है’ का सस्वर पाठ भी किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि और वरिष्ठ साहित्यकार अरुण कुमार पाठक ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कविता हमेशा सरल, सहज और आम जनमानस की समझ में आने वाली होनी चाहिए। जब कविता अपनी सहजता बनाए रखती है, तो प्रत्येक पाठक और श्रोता स्वयं को सीधे उस कविता के भावों से जुड़ा हुआ महसूस करता है। इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विजयेन्द्र पालीवाल ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन अरुण कुमार पाठक और प्रख्यात कवयित्री कंचन प्रभा गौतम ने संयुक्त रूप से किया। अंत में डॉ. ऋचा गर्ग द्वारा सभी आगंतुक अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन और पूर्वी व अवनी द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणेश वंदना नृत्य के साथ हुआ। इसके बाद अमित कुमार ‘मीत’, भूदत्त शर्मा, ललित मिगलानी और अन्य कवियों ने पुस्तक की चुनिंदा कविताओं का शानदार पाठ किया। समारोह में ‘नवल विभा प्रकाशन’ की ओर से मुख्य अतिथि के हाथों अमित ‘मीत’ को विशेष सम्मान पत्र भेंट किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सहयोगियों और वयोवृद्ध कवि पं. ज्वाला प्रसाद शांडिल्य ‘दिव्य’ सहित अनेक शिक्षाविदों व साहित्यकारों को अंग वस्त्र, माला और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

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