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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

अल्मोड़ा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में जूनियर छात्रों की रैगिंग, चार छात्र 15 दिन के लिए निष्कासित

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सीनियर छात्रों को समझाया तो शुरू कर दी अभद्रता, बुलानी पड़ी पुलिस
अल्मोड़ा। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय चौनलिया में सीनियर छात्रों ने कपड़े न धोने पर चार-पांच जूनियर छात्रों की पिटाई कर दी। विद्यालय प्रबंधन से शिकायत के बाद जब उन्हें फिर से पीटने की धमकी मिली तो इससे सहमे छात्रों ने परिजनों को आपबीती सुनाई। विद्यालय पहुंचे परिजनों के हंगामे के बाद 11वीं के चार छात्रों को 15 दिन के लिए निष्कासित कर दिया गया।
नवोदय विद्यालय चौनलिया में जूनियर छात्रों की रैगिंग का मामला सामने आया है। बीते शनिवार को हुई नौवीं के छात्रों ने कपड़े नहीं धोए तो 11वीं के छात्रों ने उनकी पिटाई कर दी। जब पीड़ित छात्रों ने विद्यालय प्रबंधन से शिकायत की तो उन्हें पीटने की धमकी दी गई।
डरे-सहमे एक स्थानीय छात्र ने उससे मिलने पहुंचे परिजनों को आपबीती सुनाई तो दूसरे दिन रविवार को मामला सार्वजनिक हुआ। विद्यालय पहुंचे पीड़ित छात्रों के परिजनों के हंगामे के बाद 11वीं के चार छात्रों को 15 दिन के लिए निष्कासित कर दिया गया। 
नवोदय विद्यालय में बीते शनिवार को रैगिंग का विरोध करते सीनियर छात्रों के कारनामे को उजाकर करने नौंवी का एक छात्र हौसला दिखाते हुए कपड़ों से भरी बाल्टी लेकर प्रधानाचार्य के पास पहुंचा, लेकिन सीनियर छात्रों को हल्की डांट लगाकर उन्हें छोड़ दिया गया। नतीजतन उन्होंने संबंधित छात्र की ग्रुप बनाकर पिटाई कर दी। विद्यालय प्रबंधन ने पीड़ित छात्र की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। दूसरे दिन रविवार को जब पीड़ित छात्र की मां और चाचा उससे मिलने पहुंचे तो उसने आपबीती सुनाई।
पीड़ित छात्र की मां और चाचा ने जब सीनियर छात्रों को समझाया और ऐसा न करने की हिदायत दी तो उन्होंने उनके साथ भी अभद्रता शुरू कर दी। परिजनों की शिकायत के बाद विद्यालय प्रबंधन का साफ तौर पर कहना था कि अक्सर ये छात्र लड़ाई-झगड़ा और शिक्षकों के साथ अभद्रता करते हैं। जब पीड़ित छात्र के परिजनों से सीनियर छात्रों ने अभद्रता की तो विद्यालय प्रबंधन को मजबूरी में पुलिस बुलानी पड़ी। थानाध्यक्ष भतरौंजखान मदन मोहन जोशी ने मौके पर पहुंचकर सीनियर छात्रों को समझाते हुए मामला शांत कराया।
रैगिंग का मामला सामने आने के बाद अपने बच्चों की चिंता लिए 10 से अधिक अभिभावक उनकी टीसी कटवाने सोमवार को विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में उनके बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन गंभीर नहीं है। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में ऐसी घटना न होने का आश्वासन देकर अभिभावकों को किसी तरह समझाया।

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