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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

गरीबों को उजाड़ने के खिलाफ संघर्ष: प्रभात ध्यानी की गिरफ्तारी, अल्मोड़ा में पुतला दहन

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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने रामनगर (पुछड़ी) में गरीबों की बस्ती उजाड़ने के विरोध में गिरफ्तार हुए प्रभात ध्यानी और अन्य कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की। अल्मोड़ा में राज्य सरकार का पुतला फूंका गया। पी.सी. तिवारी ने दमनकारी कार्रवाई रोकने की चेतावनी दी।

अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने रामनगर के पुछड़ी क्षेत्र में गरीबों, दलितों और श्रमिकों की बस्तियों को उजाड़ने के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान पार्टी के प्रधान महासचिव प्रभात ध्यानी, समाजवादी लोक पंच के मुनीश कुमार सहित एक दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। इस दमनकारी कार्रवाई के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अल्मोड़ा के शिखर तिराहे पर एकजुट होकर राज्य सरकार का पुतला दहन किया। उपपा ने गिरफ्तार सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग दोहराई है।
अवैध ध्वस्तीकरण पर उपपा ने उठाए सवाल
उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब मजदूर परिवारों की बस्तियों को गैर-कानूनी तरीके से ध्वस्त कर उन्हें बेघर कर रही है। तिवारी ने जोर देकर कहा कि इस पूरी कार्रवाई में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन बिल्कुल भी नहीं किया जा रहा है, जो कतई स्वीकार्य नहीं है। वर्षों से बसे लोगों को बिना नोटिस, बिना पुनर्वास और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हटाना सरासर अन्याय और मनमानी है।
दमन की नीति अपना रही है सरकार
पी.सी. तिवारी ने गिरफ्तार सभी महिला कार्यकर्ताओं सहित अन्य नेताओं की फ़ौरन रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार गरीबों को उजाड़ रही है, वहीं दूसरी ओर स्याल्दे जैसे क्षेत्रों में भी मूलभूत सुविधाओं और खेती बचाने के लिए आंदोलन कर रहे लोगों पर झूठे मुकदमे थोप दिए गए हैं। समस्याओं का समाधान करने के बजाय, सरकार जनता के प्रति पूरी तरह से दमन का रास्ता अपना रही है। यह दिखाता है कि सरकार केवल विरोध की आवाज़ को दबाने में लगी है।
बड़े संघर्ष की चेतावनी
उपपा अध्यक्ष पीसी तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अपनी यह दमनकारी और मनमानी कार्रवाइयाँ तुरंत नहीं रोकती, तो पार्टी और आम जनता को सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर संघर्ष और आंदोलन छेड़ने के लिए विवश होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी गरीब और मजदूर परिवारों के हक की लड़ाई अंतिम साँस तक जारी रखेगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में उपपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने प्रभात ध्यानी की रिहाई की मांग को लेकर नारे लगाए।

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