Report by : CWN Desk
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देहरादून: चढ़ा पारा, जिला प्रशासन ने लू को लेकर जारी किया अलर्ट

देहरादून में 40 डिग्री पार पहुंचेगा तापमान। जिलाधिकारी सविन बंसल ने हीट वेव की आशंका को देखते हुए सभी विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए।

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और आसपास के मैदानी इलाकों में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते मैदानी क्षेत्रों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की प्रबल संभावना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन के तहत समन्वित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, देहरादून शहर, जौलीग्रांट और डोईवाला जैसे मैदानी इलाकों में अत्यधिक गर्मी का प्रकोप रहेगा। इस संभावित लू (हीट वेव) से निपटने के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को 24 घंटे सक्रिय रखने का फैसला किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जीवन रक्षक दवाइयां, ओआरएस (ORS) और आईवी फ्लूइड्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
भीषण गर्मी के इस दौर में आम जनता को राहत देने के लिए नगर निकायों को प्रमुख चौराहों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर वाटर टैंकर तथा छायादार शेड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली और पेयजल विभाग को सख्त हिदायत दी गई है कि इस दौरान किसी भी कीमत पर बिजली कटौती न हो, ताकि जलापूर्ति प्रभावित न हो। इसके साथ ही, चिलचिलाती धूप में काम करने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निर्माण स्थलों पर दोपहर के समय कार्य अवधि को सीमित करने और उनके लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया है।
बच्चों और संवेदनशील वर्ग की सुरक्षा के लिए शिक्षा विभाग को स्कूलों के समय में बदलाव या आवश्यकता पड़ने पर अवकाश घोषित करने के अधिकार दिए गए हैं। इसके अलावा, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांवों में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सेहत पर लगातार नजर रखी जाएगी। पशुपालन विभाग को भी मवेशियों के लिए पानी और छांव के इंतजाम करने के निर्देश मिले हैं। जिला प्रशासन सोशल मीडिया, एफएम रेडियो और समाचार पत्रों के माध्यम से लगातार जागरूकता एडवाइजरी जारी कर रहा है।

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