हल्द्वानी
हल्द्वानी के 27 नए वार्डों में व्यवसायिक भवनों पर भवन कर लागू, नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू
हल्द्वानी। नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए गए 27 नए वार्डों के व्यवसायिक भवन स्वामियों को अब भवन कर देना होगा। नगर निगम प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है और नोटिस भेजने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। वर्ष 2018 में हल्द्वानी के ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण करते हुए इन्हें नगर निगम में शामिल कर 27 नए वार्ड बनाए गए थे। इसके बाद से ही यहां के निवासियों को भवन कर में विशेष छूट प्रदान की जा रही थी, ताकि उन्हें निगम व्यवस्था में सामंजस्य बनाने का अवसर मिल सके।
अब निगम प्रशासन ने निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और शहर के समुचित विकास को ध्यान में रखते हुए नया कदम उठाया है। दरअसल, नए वार्डों में व्यावसायिक गतिविधियों में काफी वृद्धि हुई है और साथ ही सार्वजनिक सुविधाओं की मांग भी बढ़ गई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए नगर निगम ने प्रत्येक वार्ड में सर्वेक्षण कर भवनों का वर्गीकरण किया। सर्वे के अनुसार नए वार्डों में लगभग पांच हजार भवनों में व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसी आधार पर अब भवन कर का निर्धारण कर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
गौरतलब है कि निगम में शामिल किए जाने के समय ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को दस साल तक भवन कर से छूट देने का वादा किया गया था। इसी के तहत घरेलू भवनों को अब भी कर से मुक्त रखा जाएगा और उन्हें वर्ष 2028 तक छूट मिलती रहेगी। लेकिन व्यावसायिक भवनों को कर के दायरे में लाया जा रहा है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय वित्तीय संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ शहर की आधारभूत संरचना के विकास के लिए आवश्यक है। भवन कर से प्राप्त होने वाली धनराशि का उपयोग साफ-सफाई, सड़क, सीवर, बिजली, जल आपूर्ति जैसी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा। इससे शहरी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। निगम प्रशासन ने व्यावसायिक भवन स्वामियों से अपील की है कि वे भवन कर का भुगतान समय पर करें ताकि निगम अपनी सेवाओं का सुचारू रूप से संचालन कर सके।
