Connect with us

नैनीताल

सतर्कता(विजिलेंस) विभाग ने संविदा कर्मचारी को रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया

Published

on

खबर शेयर करें 👉

आरोपी ने बताया कि रिश्वत राज्य कर अधिकारी उमेद सिंह के कहने पर ली

कमल जगती

नैनीताल- नैनीताल में सतर्कता(विजिलेंस)विभाग ने संविदा लिपिक 36 वर्षीय दीपक को ₹3000/= रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। सतर्कता विभाग को पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसने यह रिश्वत राज्य कर अधिकारी उमेद सिंह के कहने पर ली। इसपर नियमानुसार कार्यवाही करते हुये राज्य कर अधिकारी उमेद सिंह को भी गिरफ्तार किया गया ।
नैनीताल के तल्लीताल टैक्सी स्टैंड स्थित राज्य कर कार्यालय में सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी की टीम ने छापेमारी करी। मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के अन्तर्गत जारी किये गये टोल फ्री नम्बर – 1064 में शिकायत आने के बाद निदेशक सतर्कता के आदेशानुसार आज पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर प्रहलाद नारायण मीणा के निर्देशन/पर्यवेक्षण में विजिलेन्स टीम ने निरीक्षक भानु प्रकाश आर्य के नेतृत्व में शिकायतकर्ता की शिकायत पर संविदा लिपिक दीपक को जाल बिछाकर रंगेहाथों गिरफ्तार किया। पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसने ये रिश्वत की धनराशि राज्य कर अधिकारी उमेद सिंह के कहने पर ली। विजिलेंस विभाग ने राज्य कर अधिकारी उमेद सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कह था कि उसने जी.एस.टी.पंजीकरण के लिये आवेदन किया, जिसे तीन बार निरस्त किया गया। इसपर उसने कार्यालय में जाकर जानकारी ली तो कर्मचारी दीपक ने बताया गया कि पंजीकरण तो आपका हो जायेगा, लेकिन उसके लिये उसे और साहब को कुछ देना होगा। जांच के बाद शिकायत सही पाये जाने पर ट्रैप टीम का गठन किया गया। ट्रैप टीम ने दीपक को शिकायतकर्ता से ₹3000/= रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसके अलावा उमेद सिंह को भी दीपक के माध्यम से रिश्वत मांगे जाने पर गिरफ्तार किया। अभियुक्त उमेद सिंह के घर की तलाशी के बाद ₹1,47,500/= रूपया नगद और कुछ अन्य अभिलेख बरामद हुये, जिनके सम्बन्ध में जांच कर कार्यवाही होगी। निदेशक सतर्कता ने ट्रैप टीम को ₹5000/= रूपये नगद पुरूष्कार की घोषणा की है।
सरकार ने अपने संदेश में साफ कहा है कि “भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आयें और टोल फ्री नम्बर -1064 पर कॉल करें”

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल: सीपीयू उपनिरीक्षक पर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना का आरोप, आरक्षी ने मांगी सेवा से मुक्ति

Select Language

Advertisement