हरिद्वार
हरिद्वार: गंगा घाटों पर लंगर से बढ़ी अव्यवस्था, श्रद्धालुओं का निकलना हुआ मुहाल
हरिद्वार के गंगा घाटों पर अव्यवस्थित लंगर वितरण से लग रहा भारी जाम। भिखारियों की भीड़ से रास्ते बंद, श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी। प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग।
हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी के गंगा घाटों पर इन दिनों आस्था और सेवा के नाम पर भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। विभिन्न घाट क्षेत्रों में लंगर वितरण के चलते श्रद्धालुओं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंगर के दौरान जुटने वाली भिखारियों की अनियंत्रित भीड़ के कारण घाटों के संकरे रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं। इससे न केवल पैदल यात्रियों को दिक्कत हो रही है, बल्कि कई बार भगदड़ जैसी स्थिति भी पैदा हो जाती है।

घाटों पर लंगर वितरण के समय भिखारियों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं, जो मुख्य रास्तों को घेर लेती हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि सेवा करना अच्छी बात है, लेकिन इसे बिना किसी योजना के करने से आम लोगों का निकलना दूभर हो गया है। कई बार तो हालात ऐसे बन जाते हैं कि कुछ मीटर की दूरी तय करने में भी घंटों का समय लग जाता है। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए इस भीड़ के बीच से गुजरना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सबसे गंभीर चिंता का विषय आपातकालीन स्थितियां हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस अव्यवस्थित भीड़ के कारण एम्बुलेंस या अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए भी रास्ता साफ नहीं मिल पाता है। यदि घाट क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो राहत और बचाव कार्य में यह भीड़ बड़ी बाधा बन सकती है। सुरक्षा की दृष्टि से भी ऐसी अनियंत्रित भीड़ संवेदनशील क्षेत्रों के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने नगर निगम एवं संबंधित विभागों से इस समस्या का तुरंत संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। मांग की जा रही है कि लंगर वितरण के लिए कुछ विशेष स्थान चिन्हित किए जाएं, जो मुख्य रास्तों और घाटों से हटकर हों। इससे सेवा का कार्य भी चलता रहेगा और घाटों पर सुचारु आवागमन भी बना रहेगा। प्रशासन को इस दिशा में कड़े नियम बनाने की आवश्यकता है ताकि धार्मिक नगरी की छवि धूमिल न हो।
