उत्तराखंड पुलिस
उत्तराखंड: STF की तीसरी बड़ी कार्रवाई, 31 लाख की हेरोइन जब्त, ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन को मिली ताकत
उत्तराखंड STF की ANTF ने डोईवाला, देहरादून में 105 ग्राम अवैध हेरोइन (कीमत ₹31.5 लाख) के साथ एक नशा तस्कर राहुल को गिरफ्तार किया। सीएम धामी के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन 2025’ के तहत एक सप्ताह में यह तीसरी बड़ी सफलता है। पूरी खबर पढ़ें।
देहरादून। उत्तराखंड को ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन 2025 बनाने के संकल्प के तहत, राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (A.N.T.F.) और थाना डोईवाला देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम ने एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। टीम ने बिजनौर (उत्तर प्रदेश) निवासी राहुल पुत्र छत्रपाल को 105 ग्राम अवैध हेरोइन के साथ पकड़ा, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 31 लाख 50 हजार रुपए है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन 2025’ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा एक सप्ताह के भीतर नशे के सौदागरों के खिलाफ की गई यह तीसरी कड़ी कार्रवाई है, जो यह दर्शाता है कि राज्य में नशा विरोधी अभियान पूरी सख्ती से चलाया जा रहा है। गिरफ्तार अभियुक्त राहुल ने पूछताछ में बताया कि वह यह हेरोइन बरेली के एक व्यक्ति से लेकर आया था और इसे देहरादून के कॉलेज के विद्यार्थियों एवं आसपास के क्षेत्रों में छोटी मात्रा में बेचता था।
इस संगठित अपराध को खत्म करने के लिए, STF की टीमें प्रदेश के सभी जनपदों में कड़ी निगरानी रख रही हैं। इस सफलता पर एसटीएफ प्रमुख श्री नवनीत सिंह भुल्लर ने अपनी टीम की सराहना की। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार के लालच में न आकर नशा तस्करी से दूर रहें। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के लिए लोग निकटतम पुलिस स्टेशन या एसटीएफ/ANTF उत्तराखंड से संपर्क कर सकते हैं। STF इस अभियान को लगातार जारी रखेगी।
यह गिरफ्तारी राज्य सरकार के उस ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन को मजबूत करती है, जिसका लक्ष्य 2025 तक उत्तराखंड को पूरी तरह नशा मुक्त बनाना है। इस प्रकार की लगातार कार्रवाईयां युवाओं को नशे के जाल से बचाने और राज्य में एक सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड पुलिस अब नशे के हर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
