हरिद्वार
उत्तराखंड में डूबे तीन लोग: त्यूणी में बिना सायरन डैम से छूटा पानी, हरिद्वार और रुड़की में भी मिले शव
उत्तराखंड में दर्दनाक हादसे: त्यूणी में बिना सायरन डैम का पानी छोड़ने से 3 साल की बच्ची बही, हरिद्वार गंगा में दिल्ली का युवक डूबा और रुड़की में मिला लापता युवक का शव।
देहरादून: उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में गुरुवार को नदी और नहरों में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई। पहला सबसे दर्दनाक हादसा विकासनगर के त्यूणी क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ सरनाड पाणी के पास पावर नदी में खेल रही एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची डैम से अचानक छोड़े गए पानी के तेज बहाव में डूब गई। नदी के पास तीन बच्चे खेल रहे थे, जिनमें से दो बच्चे किसी तरह बच गए। लेकिन कैलाश थापा की तीन वर्षीय बेटी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई।
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पावर नदी पर बने हिमाचल प्रदेश के सावड़ा-कुड्डू जल विद्युत परियोजना के हाटकोटी डैम से पानी छोड़ने से पहले प्रबंधन ने सायरन नहीं बजाया था। इस गंभीर लापरवाही के कारण मासूम बच्ची को संभलने का मौका नहीं मिला और उसकी जान चली गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने डैम के पानी का बहाव कम करवाकर बच्चों की निशानदेही पर बच्ची का शव पावर नदी से बरामद किया।
दूसरा हादसा धर्मनगरी हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित चित्रकूट घाट धाम में हुआ, जहाँ गंगा स्नान के दौरान दिल्ली निवासी एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान रजत वंशी (19 वर्ष), निवासी मंडावली, पूर्वी दिल्ली के रूप में हुई है। रजत गुरुवार सुबह अपने पिता, भाई और चाचा के साथ हरिद्वार घूमने आया था। स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और परिजनों के सामने ही तेज बहाव में बह गया। सूचना पर एनडीआरएफ, जल पुलिस और चेतक पुलिस ने संयुक्त सर्च अभियान चलाकर करीब एक घंटे बाद युवक का शव बरामद किया।
तीसरी घटना रुड़की से सामने आई है, जहाँ पिछले तीन दिन से लापता चल रहे ठसका गांव निवासी एक युवक जनेश्वर का शव मोहम्मदपुर झाल से बरामद किया गया है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकलवाया और शिनाख्त के लिए परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर कपड़ों और हुलिए के आधार पर मृतक की पहचान की। पुलिस ने सभी मामलों में शवों को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है।
