देहरादून
देहरादून में टिकैत का हल्ला बोल: दिव्यांशु हत्याकांड पर पुलिस को घेरा, बोले- ‘देवभूमि बचा लो’
देहरादून के दिव्यांशु हत्याकांड पर राकेश टिकैत ने उत्तराखंड पुलिस और सरकार पर तीखा हमला बोला। नशे के कारोबार और कानून व्यवस्था को लेकर लगाए गंभीर आरोप। पढ़ें पूरी खबर।
देहरादून:राजधानी के प्रेमनगर क्षेत्र में बीटेक छात्र दिव्यांशु की बेरहमी से हुई हत्या के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ देहरादून पहुंचे टिकैत ने आशा रोड़ी में आयोजित शोक सभा में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि “यह देवभूमि है, इसे बचा लो।” शोक सभा में जब दिव्यांशु के दादा फूट-फूटकर रोने लगे, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने इस घटना की तुलना चर्चित ‘रणवीर एनकाउंटर कांड’ से करते हुए कहा कि देहरादून में छात्रों के बीच बढ़ता अपराध और नशा एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन मौन हैं। टिकैत ने तंज कसते हुए कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि यदि कोई बदमाश धमकी देता है, तो पुलिस सुरक्षा के लिए गनर देने की बात तो करती है, लेकिन अपराधियों को ठीक करने की हिम्मत नहीं दिखाती।
राकेश टिकैत ने पुलिस और राजनेताओं के गठजोड़ पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पुलिस और नेता प्रॉपर्टी के धंधों में शामिल हो जाते हैं, तो अपराध का ग्राफ अपने आप बढ़ने लगता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दिव्यांशु के हत्यारों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। टिकैत ने स्पष्ट किया कि असुरक्षा के इस माहौल में छात्र खुद को डरा हुआ महसूस कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल और एसपी सिटी प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया कि एक 11 सदस्यीय कमेटी की मुलाकात जल्द ही मुख्यमंत्री से करवाई जाएगी। हालांकि, राकेश टिकैत अपनी मांग पर अड़े रहे और कहा कि जब तक मुख्यमंत्री से ठोस बातचीत नहीं हो जाती, तब तक वह धरना स्थल पर ही डटे रहेंगे। पुलिस ने अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि सात फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है।
