हल्द्वानी
उत्तराखंड निकाय चुनाव: गढ़ीनेगी और पाटी नगर पंचायत में भाजपा की हार, निर्दलीय जीते
उत्तराखंड स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। नवसृजित गढ़ीनेगी और पाटी नगर पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भाजपा को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के स्थानीय निकाय चुनाव से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कुमाऊं मंडल की दो नवसृजित नगर पंचायतों, गढ़ीनेगी और पाटी में भाजपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इन दोनों ही महत्वपूर्ण सीटों पर स्थानीय जनता ने निर्दलीय प्रत्याशियों पर अपना भरोसा जताया है। यह चुनावी नतीजे राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर रहे हैं क्योंकि दोनों क्षेत्रों में पहली बार नगर पंचायत के चुनाव आयोजित किए गए थे।
ऊधम सिंह नगर जिले के अंतर्गत आने वाली नवसृजित गढ़ीनेगी नगर पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशी अभिषेक सुखीजा ने शानदार जीत हासिल की है। काशीपुर की नवीन मंडी परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई थी। इस सीट पर अध्यक्ष पद के लिए कुल पांच प्रत्याशी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे थे। कड़े मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी अभिषेक सुखीजा ने कुल 2047 मत प्राप्त किए, जबकि भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार सचिन बाठला को 1953 वोट मिले। निर्वाचन अधिकारी ने 94 मतों के अंतर से अभिषेक सुखीजा की जीत की आधिकारिक घोषणा की और उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा।
दूसरी तरफ, चम्पावत जिले की नवनिर्मित पाटी नगर पंचायत चुनाव में भी कुछ ऐसा ही चुनावी उलटफेर देखने को मिला। यहाँ निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल ने एकतरफा मुकाबले में भाजपा के प्रत्याशी नवीन राम को 437 मतों के भारी अंतर से पराजित कर दिया। इस चुनाव में नारायण लाल को कुल 738 वोट मिले, जबकि सत्ताधारी दल भाजपा के खाते में महज 301 मत ही आ सके। निर्वाचन अधिकारी अजय सिंह ने बताया कि पाटी में कुल 2067 मतदाताओं में से 1612 लोगों ने अपने वोट का प्रयोग किया था, जिसमें से 39 वोट अवैध पाए गए और 18 लोगों ने नोटा का विकल्प चुना।
इन अप्रत्याशित चुनावी नतीजों के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई है, जबकि विजयी निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों ही सीटों पर भाजपा की हार का मुख्य कारण स्थानीय स्तर पर गुटबाजी और नवनिर्मित निकायों में जनभावनाओं को सही ढंग से न समझ पाना रहा। जनता ने पारंपरिक राजनीतिक दलों के बड़े वादों के बजाय स्थानीय स्तर पर सक्रिय और सुलभ चेहरों को तरजीह दी है। इन नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड निकाय चुनाव में अब मतदाताओं का मिजाज बदल रहा है। गढ़ीनेगी और पाटी की जनता ने निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनकर राजनीतिक दलों को अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने का एक बड़ा संदेश दिया है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों के विकास की कमान अब पूरी तरह से नए निर्दलीय नेतृत्व के हाथों में होगी।
