उत्तराखंड पुलिस
“ऑपरेशन प्रहार” : साइबर अपराधियों पर उत्तराखंड पुलिस की राष्ट्रव्यापी सर्जिकल स्ट्राइक
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस द्वारा देशभर में साइबर अपराधियों के विरुद्ध समन्वित कार्यवाही करते हुए “ऑपरेशन प्रहार” को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। यह देश का पहला ऐसा अभियान है जिसमें एक ही समय पर 17 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 290 से अधिक साइबर अपराधियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की गई।
एसटीएफ उत्तराखंड के एसएसपी श्री नवनीत भुल्लर के नेतृत्व में, सीओ साइबर श्री अंकुश मिश्रा द्वारा रणनीति बनाई गई तथा गढ़वाल व कुमाऊं साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षकों के निर्देशन में 23 विशेष टीमें रवाना की गईं। इस अभियान में प्रशिक्षित “Cyber Commando” की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ऑपरेशन में दिल्ली-NCR, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश समेत 17 राज्यों को कवर किया गया। OTP फ्रॉड, फर्जी कॉल सेंटर, बिटकॉइन स्कैम, लोन ऐप धोखाधड़ी, नकली वेबसाइट व कस्टमर केयर स्कैम जैसे मामलों में कुल 65 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और 30 फरार आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा किए गए।
देश की विभिन्न जेलों में बंद 07 साइबर अपराधियों के विरुद्ध B-वारंट लेकर कार्यवाही की गई, जबकि 06 अभियुक्तों को जमानतीय वारंट थमाया गया। इसके अतिरिक्त 225 फर्जी नाम-पते और दस्तावेजों से खोले गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी स्थानीय पुलिस को सौंपी गई।
ऑपरेशन के दौरान टीमों को भाषाई, भौगोलिक, और सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। फर्जी पहचान और स्थानीय समर्थन के कारण अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हुआ, लेकिन टीमों ने उत्कृष्ट समन्वय से इन बाधाओं को पार किया।
एसएसपी एसटीएफ श्री नवनीत सिंह ने सभी टीमों को उनके साहसिक और पेशेवर प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन प्रहार केवल एक शुरुआत है, यह साइबर अपराध के विरुद्ध एक निरंतर लड़ाई है जो भविष्य में और अधिक तीव्र होगी।
जनता से अपील
साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल 1930 या www.cybercrime.gov.in पर दें। जागरूकता ही सुरक्षा है।
