Connect with us

अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

अल्मोड़ा सोमेश्वर के जंगल की आग में जलने से युवक की मौत

Published

on

खबर शेयर करें 👉

अल्मोड़ा। सोमेश्वर के खाईकट्टा में जंगल की आग में जलने से युवक की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक बीते बृहस्पतिवार खाईकट्टा के पास जंगल में आग लग गई। गांव के ही लोग देर रात तक आग बुझाने में जुटे रहे। इसी बीच गांव का युवक महेंद्र सिंह (40)आग की चपेट में आ गया। बुरी तरह जलने से उसकी मौत हो गई। उसका आधा शरीर जलकर खाक हो गया। सूचना के बाद दूसरे दिन वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अधजले शव को कब्जे में लिया। रेंजर मनोज लोहनी ने कहा कि नाप भूमि पर आग लगी थी। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं बीते दिनों सोमेश्वर क्षेत्र में लीसा दोहन में लगे दो महिला, दो पुरुष सहित चार श्रमिकों की जंगल की आग की चपेट में आने से मौत हो चुकी है।
खाईकट्टा निवासी महेंद्र जब सिर्फ छह माह का था उसके पिता की मौत हो गई। मां राधा देवी ने किसी अकेले उसका पालन-पोषण कर उसका विवाह किया। वह घर के इलकौते चिराग, उसकी पत्नी पुष्पा और 18, 14, 11 साल की तीन पोतियों के साथ हंसी-खुशी जीवन जी रही थी। महेंद्र भी मेहनत-मजदूरी कर मां, पत्नी और तीनों बेटियों की हर जरूरत पूरी कर रहा था। सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन एक घटना ने इस परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। महेंद्र ग्रामीणों के साथ अपने गांव को दावानल से सुरक्षित बचाने के लिए आग बुझाने जंगल गया। उसे यह मामलू नहीं था कि वहां मौत उसका इंतजार कर रही है। सभी ग्रामीण गांव की तरफ बढ़ रही आग को बुझाकर घर लौटे, लेकिन उसकी वापसी नहीं हो सकी।
75 वर्षीय मां, पत्नी और तीनों बेटियां उसके घर लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन दूसरे दिन सुबह उन्हें उसकी मौत की खबर मिली। अपने इकलौते बेटे को खोने वाली बूढ़ी मां और पिता को खोने वाली बेटियों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे, जबकि पत्नी बदहवास है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवक फिसलकर खाई में धधक रही आग के बीच फंस गया। घनघोर रात में किसी को घटना का पता नहीं चला। जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों की सूचना पर उसकी खोजबीन शुरू हुई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement