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उत्तराखण्ड

चारधाम की यात्रा के लिए 10 दिन की अवधि निर्धारित

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• एक धाम की यात्रा तीन दिन दो धाम की यात्रा पांच दिन तीन धाम की यात्रा सात दिन और चारधाम की यात्रा के लिए 10 दिन की अवधि निर्धारित की गई है।
• रात दस बजे से सुबह चार बजे तक वाहनों का संचालन नहीं
• चारधाम यात्रा के दौरान रात दस बजे से सुबह चार बजे तक वाहनों का संचालन नहीं किया जाएगा।
• यात्रा मार्गों पर मैक्सी कैब व मोटर कैब के संचालन के समय सीडी प्लेयर, पेन ड्राइव व रेडियो जैसे माध्यमों से गीत-संगीत जैसी तेज ध्वनियां प्रतिबंधित रहेंगी।
• यात्रा में सभी व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड एवं वाहन का ट्रिप कार्ड प्रत्येक ट्रिप के लिए प्राप्त करना अनिवार्य है।
• वाहन में फर्स्ट एड बाक्स, अग्निशमन यंत्र, लकड़ी का गुटका व रस्सी रखना जरूरी है। चालक व परिचालक को निर्धारित वर्दी में होना चाहिए।
• पर्वतीय मार्गों पर मौसम खराब होने अथवा भूस्खलन होने पर स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।
• यात्रा प्रारंभ करते समय एवं वापसी पर चेकपोस्ट पर प्रविष्टि अवश्य कराई जाए।
• वाहन में किसी प्रकार के नाम व पदनाम के बोर्ड व सायरन व हूटर, लाल, पीली व नीली बत्ती प्रतिबंधित है।
• प्रेशन हार्न, मल्टी ओन हार्न और चकाचौंध लाइट का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
• कोई भी वाहन चालक प्राकृतिक स्रोतों के पानी में वाहनों को न धोएं।
विभिन्न भाषाओं में साइन बोर्ड
अधिकांश यात्री दक्षिण भारत, मध्य भारत महाराष्ट्र, गुजरात आदि प्रदेशों और उत्तर भारत से केदारनाथ पहुंचते हैं। उनको आसानी से समझ के लिए संबंधित बोली भाषा में संदेश, सूचनाएं, साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसमें मराठी, गुजराती, अंग्रेजी, हिन्दी एवं तमिल भाषा में जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार तीन प्रकार के साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
कब खुलेंगे धामों के कपाट?
• 10 मई को अक्षय तृतीया है और इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम कपाट अभिजीत मुहूर्त में खुलेंगे।
• केदारनाथ धाम के कपाट भी 10 मई को ही खुलेंगे।
• बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई 2024 को खोले जाएंगे।

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