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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

क्षतिपूरक वृक्षारोपण के अल्मोड़ा में ही 50 मामले चिंताजनक: राज्य आंदोलनकारी

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अल्मोड़ा। राज्य आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, वन मंत्री उत्तराखंड को पत्र लिखकर सड़क निर्माण के लिए क्षतिपूरक वृक्षारोपण के केवल अल्मोड़ा जनपद में ही लगभग 150  मामलों के लटके  होने के मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र समाधान करने तथा रूकी सड़को का शीघ्र निर्माण करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि क्षतिपूरक वृक्षारोपण रोपण हेतु अल्मोड़ा जनपद में ही नहीं पूरे राज्य में भूमि न मिलने की बात की जा रही है जबकि धरातल पर बहुत खाली भूमि दिखाई देती है। खाली पड़ी भूमि का शीघ्र सर्वेक्षण कर वृक्षारोपण कराया जाय। राज्य आंदोलनकारियों ने कहा है कि सड़कों के किनारे पथ वृक्षारोपण कर भी क्षतिपूरक वृक्षारोपण किया जा सकता है। वन विभाग,वन पंचायतों के वनों में सघनीकरण कर भी क्षतिपूरक वृक्षारोपण किया जा सकता है। संज्ञान में आया है कि राज्य सरकार राजस्थान में खाली भूमि तलाश रही लेकिन सड़क निर्माण के रूके मामलों को देखकर लगता है सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है। राज्य आंदोलनकारियों ने लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाते हुए सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की है। पत्र में ब्रह्मानन्द डालाकोटी, शिवराज बनौला, दौलत सिंह बगड्वाल ने हस्ताक्षर किए हैं। पत्र की प्रति जिलाधिकारी अल्मोड़ा को भी भेजी गयी है।

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