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हरिद्वार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हरिद्वार में मानहानि का वाद दायर

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आरएसएस कार्यकर्ता की ओर से कराया गया है वाद, अदालत ने वाद स्वीकार किया, 12 अप्रैल को होगी सुनवाई

हरिद्वार। जिला एवम सत्र न्यायालय हरिद्वार में जुडिशल मजिस्ट्रेट शिव सिंह की अदालत में आरएसएस कार्यकर्ता कमल भदोरिया ने कांग्रेस के  पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और बरिष्ठ कांग्रेसी नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का वाद दायर किया है, जिसे न्यायालय द्वारा स्वीकार करते हुए वाद को प्रकीर्ण वाद के रूप में स्वीकार करते हुए वाद की सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 अप्रैल नियत की गई है ,कमल भदौरिया ने पूर्व सांसद व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध न्यायालय जे एम द्वितीय हरिद्वार के न्यायालय में धारा 499 ,500 आईपीसी के तहत वाद दाखिल किया है।
वादी कमल भदौरिया ने अपने वाद में कहा है कि अपने देश हिंदुस्तान में आर एस एस को ऐसा संगठन बताया जो कि जो कि आपदा व कठिन से कठिन परिस्थितियों में आम लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उस संकट को देश से भगाने में अत्यधिक योगदान देना व देश में आजादी से पहले व आजादी के बाद आर एस एस के द्वारा पाकिस्तान जैसे देश के साथ भी मुकाबला करने में विशेष योगदान बताया व देश में कहीं पर भी  कोई विपत्ति आती है तो वहां पर आर एस एस का अहम योगदान ऐसी परिस्थितियों में आम लोगों के लिए सहायता के रूप में रहा है। जिस कारण वादी के साथ-साथ देश वासियों की भावनाएं आरएसएस के साथ जुड़ी हुई है इसके बावजूद राहुल गांधी ने 9 जनवरी 2023 में कुरुक्षेत्र अंबाला में आरएसएस को को 21वीं सदी का गौरव बताते हुए उन्होंने बयान दिया और यह भी कहा कि आज के कौरव खाकी हाफ पेंट पहनते हैं, हाथों में लाठियां लेते हैं, शाखा लगाते हैं और यह भी बताया कि 2 से 3 सबसे अमीर अरबपति लोग कौरवों के साथ खड़े हैं और कौरवों के साथ पांडवों की युद्ध की जानकारी भी राहुल गांधी को अपने पढ़ाई के दौरान होने की बाबत न्यायालय को बताया गया कि कौरवो का क्या अहम घिनौना कृत्य रहा है इसके बावजूद आर एस एस जैसे कर्मठ मेहनती लगनशील संगठन देश के लिए न्योछावर रहने वालों को संघ को राहुल गांधी ने कौरव बताया है यह भी बताया कि यह लोग हर हर महादेव नहीं कहते ,जय श्री राम नहीं कहते जो कि राहुल गांधी की  मानसिकता का परिचय देती है इसके अतिरिक्त राहुल गांधी ने हिंदुस्तान देश को तपस्वीओ का बताया ,पुजारियों का ना होना बताया जबकि पुजारी को परमात्मा से मिलाना, भारत माता की पूजा कराना 110 करोड़ सनातन का देश हिंदुस्तान है इसके बावजूद राहुल गांधी ने सनातनीयों को तपस्वी व पुजारी में बांटने का कृत्य किया है जबकि राहुल गांधी ने फरवरी 2022 में द्वारकाधीश मंदिर में जाकर, सितंबर 2021 में जम्मू कश्मीर में माता वैष्णो देवी के दर्शन पूजा, की अगस्त 2021 में खीर भवानी दुर्गा मंदिर में, पूजा व फरवरी 2021 में तमिलनाडु मंदिर में, जनवरी 2022 में स्वर्ण मंदिर अमृतसर में आदि जगह पुजारियों के द्वारा भगवान की आराधना की और पुजारियों के महत्व को जानने के बावजूद राहुल गांधी ने जानबूझकर हिंदुस्तान के पुजारियों का भी अपमान किया और आर एस एस की कौरवो से तुलना करना और पुजारियों का अपमान करने के कारण कमल भदौरिया ने देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कृत्य की बाबत राहुल गांधी को जिम्मेदार बताया जिसकी बाबत कमल भदौरिया ने हरिद्वार न्यायालय में वाद दायर किया है जिसके लिए 12 अप्रैल 2023 अग्रिम तिथि न्यायालय हरिद्वार में नियत की है।

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क्या बोले वादी के अधिवक्ता अरुण भदौरिया
वादी के अधिवक्ता अरुण भदौरिया का कहना है कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष भूतपूर्व थे उनके द्वारा हरियाणा में आरएसएस को 21वीं सदी का कौरव कहां गया है और कौरव का इतिहास हमारे हिंदुस्तान में क्या रहा है जो पूर्व में देखते हैं कौरवों का इतिहास बहुत ही घृणित प्रवृत्ति का रहा है और इनको इतनी जानकारी है जो कि राहुल गांधी ने भी शिक्षा दीक्षा ग्रहण की हुई है और इसके अलावा राहुल गांधी ने एक यह बात भी कही है कि यह लोग खाकी निक्कर पहनते हैं शाखा में जाते हैं और इसके अलावा इन्होंने हिंदुस्तान को पुजारियों का देश ना बता कर तपस्वियों का देश बताया है जबकि पुजारियों के बिना भगवान से मिलना ही असंभव है जहां-जहां राहुल गांधी पूजा करने के लिए गए चाहे वैष्णो देवी माता मंदिर या तमिलनाडु में जहां भी गए हैं इनकी पूजा भगवान की पूजा पुजारियों के जरिए ही करवाई है पुजारियों के महत्व को और तपस्वियों के बीच में इन्होंने दो फाड़ कर दिए इनकी इन बातों को देखते हुए और आरएसएस ऐसा संगठन है जो देश में जब भी विपत्ति आई आजादी को लेकर आई हो चाहे बाढ़ पीड़ितों को लेकर आई है आर एस एस ने हमेशा मदद की है, आर एस एस का कोई भी कार्य ऐसा नहीं रहा है जो देश के हित में न हो, इसके विपरीत गया हो इसके बावजूद उन्होंने ऐसे घृणित और दो भागों में बांटने वाला बयान देकर आर एस एस के प्रति जो घृणित बयान दिया उसके लिए न्यायालय जेएम हरिद्वार में वाद आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा दायर किया गया है और अगली तारीख 12 अप्रैल को नियत की गई।

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