Connect with us

उत्तराखण्ड

संग्रह अमीन के खिलाफ भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन ने खोला मोर्चा, एसडीएम से मिलकर करेंगे वार्ता, कार्रवाई न होने पर धरने पर बैठेंगे किसान

Published

on

खबर शेयर करें 👉

हरिद्वार- भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन ने हरिद्वार तहसील में तैनात किशनपुर के संग्रह अमीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जाति प्रमाण पत्र और अन्य प्रमाण पत्रों में रिपोर्ट लगाने के नाम पर आवेदकों से पैसे मांगने का आरोप लगाया है। अनेकों आवेदकों से पैसे मांगने की शिकायतें यूनियन के पास पहुंची है। इस मामले में सोमवार को भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन के पदाधिकारी एसडीएम से मुलाकात कर वार्ता करेंगे। इस मामले में कार्रवाई न होने पर किसान जल्द अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। प्रेस को बयान जारी करते हुए भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन के प्रदेश संयोजक राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि किशनपुर के संग्रह अमीन स्वतंत्र कुमार जाति, आय और मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट लगाने की एवज में लोगों से पैसों की मांग की जा रही है। इस तरह की एक नहीं तमाम शिकायतें मिली है। कई लोगों ने यूनियन को भी इससे अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि लेखपालों के पास से प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट लगाने की व्यवस्था लिए जाने के बाद से स्थिति ज्यादा बिगड़ गई है लेखपालों के समय में इस तरह की शिकायतें बिल्कुल भी नहीं आती थी लेकिन संग्रह अमीनों के व्यवस्था संभालने के बाद से ही प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट लगाने के लिए प्रमाण पत्रों को लेकर ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि किशनपुर के संग्रह अमीन स्वतंत्र कुमार की शिकायत लगातार सामने आ रही हैं। पैसे न देने पर आवेदकों को चक्कर कटवाए जा रहे हैं। रिपोर्ट नहीं लगने से प्रमाण पत्र समय से नहीं बन पा रहे हैं। जिससे बच्चों को स्कूल में प्रवेश लेने के साथ ही कई योजनाओं में आवेदन करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में अभिभावकों के साथ ही बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना तहसील के चक्कर काट काट कर थक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में उपजिलाधिकारी से मिलकर सोमवार को वार्ता की जाएगी। अगर एसडीएम की ओर से मामले में सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन नहीं दिया गया तो भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होगी।

Select Language

Advertisement