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कोटद्वार

पौड़ी जिले के 24 गांवों में रात्रि कर्फ्यू लागू, स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्र बंद, आदमखोर बाघ की दहशत

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शाम 7 से सुबह 6 बजे तक आवाजाही बंद, पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराएगा पशुपालन विभाग

कोटद्वार। पौड़ी जिले के रिखणीखाल और धुमाकोट क्षेत्र में आदमखोर बाघ के हमलों की घटना देखते हुए डीएम ने 24 गांवों में अगले आदेश तक रात का कर्फ्यू लगा दिया है। डीएम ने तहसीलदार रिखणीखाल को प्रभावित गांवों की सूची बनाने और अगले आदेश तक गांवों में ही रहने का आदेश दिया है। एक सप्ताह में आदमखोर बाघ ने दो लोगों को निवाला बनाया है।
डीएम के आदेश के मुताबिक रात्रि कर्फ्यू वाले गांवों में शाम 7 से सुबह 6 बजे तक आवाजाही बंद रहेगी। पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराने के लिए पशुपालन विभाग को निर्देश दिए हैं। रात के समय स्थानीय लोगों को अनावश्यक घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। डीएम ने क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने तक धारा 144 जारी रखने के भी निर्देश दिए हैं।

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प्रभवित इलाकों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद 
बाघ के हमलों के बाद क्षेत्र के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए थे। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र मंगलवार तक बंद रहेंगे। उधर, डीएम डॉ.आशीष चौहान ने दुगड्डा में बैठक लेकर डीएफओ को क्षेत्र में पिंजरों की संख्या बढ़ाने, कैमरा ट्रैप और 10 किमी परिधि का जीपीएस मैप तैयार करने को कहा। सरकारी महकमों के क्षेत्रीय कर्मचारियों को भी टीम बनाकर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम के निर्देश के बाद डल्ला गांव के आसपास दो ट्रैंकुलाइजर टीम, 15 पीआरडी जवान पुलिस के साथ, फॉरेस्ट गार्ड, राजस्व विभाग के अधिकारी भी ग्रामीणों की सुरक्षा एवं अन्य सहायता के लिए मुस्तेद किए गए हैं।

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पौड़ी में दस साल में 45 लोग गंवा चुके हैं जान 
वन विभाग के मुताबिक, बीते दस सालों में गुलदार ने पौड़ी जिले में करीब 45 लोगों की जानें ली हैं।

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