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उत्तराखण्ड

प्रदेश में नए जिलों का जल्द गठन, कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार: धामी

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मुख्यमंत्री बोले, समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट 30 जून तक हो जाएगा तैयार

काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि प्रदेश में नये जिलों का जल्द गठन किया जाएगा। इसके लिए सरकार को नये जिलों के गठन के लिए पूर्व में बनाई कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट भी 30 जून तक तैयार कर लिया जाएगा। दायित्व बंटवारे पर सीएम ने कहा कि कार्यकर्ताओं को निराश होने की आवश्यकता नहीं है, जल्द ही इस पर काम होगा।
धामी ने सोमवार को काशीपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारी सरकार हमेशा नये जिलों को लेकर गंभीर रही है। हमारा प्रयास सुशासन देने का है। हम चाहते हैं सबकी आसानी से सरकार तक पहुंच हो और सबकी समस्या का समाधान हो। जिलों समेत प्रदेश के हक में जिन फैसलों को लेने की आवश्यकता है, वे लिए जाएंगे। काशीपुर क्षेत्र पहले से औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित हो रहा है।

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प्रदेश में यहां है नए जिले बनाने की मांग 
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से ही नए जिलों की मांग उठने लगी थी, लेकिन इस ओर पहल 15 अगस्त, 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर चार नए जिलों के निर्माण की घोषणा की। इनमें उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री, पौड़ी में कोटद्वार, अल्मोड़ा में रानीखेत और पिथौरागढ़ में डीडीहाट को नया जिला बनाए जाने की बात शामिल थी। तब काशीपुर का नाम नए जिलों की सूची में नहीं था। लोगों के आक्रोश को देखते हुए निशंक सरकार ने काशीपुर को जिला घोषित किए जाने पर भी अपनी मौखिक सहमति दे दी थी। बाद में सत्ता संभालने के बाद सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी के समय दिसंबर 2011 में नए जिलों को लेकर शासनादेश भी हुआ।

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