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उत्तर प्रदेश

शर्मनाक : पिता के सामने रखी थी बेटे की लाश, कर्मचारी ने कर लिया 600 रुपये में सौदा

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पिता से वसूले रुपये, आगरा के पोस्टमार्टम हाउस की।शर्मनाक सच्चाई सामने आई
आगरा। पोस्टमार्टम गृह में एक बार फिर शव को उठाने को लेकर वसूली का मामला सामने आया है। अछनेरा के गांव अरदाया में तालाब में डूबकर 13 साल के बालक की मौत हो गई थी। पिता भरत सिंह का आरोप है कि सोमवार को पोस्टमार्टम के लिए शव को हाथ लगाने के एक कर्मचारी ने 600 रुपये वसूले। इसके बाद ही पोस्टमार्टम किया गया। पीड़ित ने थाना अछनेरा से आए सिपाही से शिकायत भी की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
अरदाया निवासी भरत सिंह मजदूरी करते हैं। उनका 13 साल का बेटा अंकित रविवार शाम तकरीबन 5 बजे घर से निकला था। इसके बाद घर लौटकर नहीं आया। परिजन तलाश में जुट गए। मगर, उसका कहीं पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह गांव के तालाब पर ग्रामीण पहुंचे। तभी अंकित का शव उतराता हुआ देखा। इस पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता भरत सिंह का कहना था कि बेटा तालाब पर नहाने गया था। इस दौरान ही डूबने से मौत की आशंका है। वह सुबह 10 बजे ही पोस्टमार्टम गृह पहुंच गए थे। उनका आरोप है कि 2 बजे पोस्टमार्टम गृह के अंदर बुलाया गया। इसके बाद एक कर्मचारी ने कहा कि 600 रुपये निकालो। पोस्टमार्टम करना है। उन्होंने कहा कि किस बात के रुपये लिए जा रहे हैं। वह 150 रुपये के कपड़ा-पन्नी ले चुके हैं।
इसकी रसीद भी उनके पास है। मगर, कर्मचारी ने कहा कि वह शव को तभी हाथ लगाएंगे, जब रुपये दे दोगे। अगर, रुपये नहीं दोगे तो शव को हाथ नहीं लगाएंगे। मजबूरी में उन्होंने रुपये दे दिए। इस पर ही पोस्टमार्टम के बाद शव मिला। उन्होंने इस बारे में थाने पर आए सिपाही से शिकायत की। उन्होंने कुछ नहीं किया। बाद में पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गांव आ गए।
पोस्टमार्टम गृह पर वसूली का आरोप पहली बार नहीं लगा है। 11 फरवरी को लायर्स काॅलोनी में अधिवक्ता के बेटे ने बेटे और मां की हत्या के बाद आत्महत्या की थी। परिवार से 2 हजार रुपये की मांग पोस्टमार्टम गृह के कर्मचारियों ने की थी। इस पर विवाद हुआ था। बाद में 1500 रुपये देने पर ही पोस्टमार्टम हुआ था। मामले में अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने मुख्यमंत्री के साथ अन्य अधिकारियों से शिकायत की थी। मगर, कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला रफा-दफा हो गया। पोस्टमार्टम गृह पर सरकारी कर्मचारी तैनात रहते हैं। वसूली निजी कर्मचारी करते हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्टमार्टम के लिए रुपये मांगने की शिकायत मिली है। पीड़ित से भी बात हुई है। इसकी समिति बनाकर जांच करा रहे हैं। आरोपी की पहचान कराने के लिए पीड़ित को बुलाया है।

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