Connect with us

उधमसिंह नगर

रुद्रपुर में पिता ने नाबालिग बेटी से किया दुष्कर्म, अधिवक्ता पर भी लगा दुष्कर्म का आरोप

Published

on

खबर शेयर करें 👉

रुद्रपुर: उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी पिता पिछले एक सप्ताह से उसके साथ लगातार दुष्कर्म कर रहा था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। वहीं, एक अन्य मामले में एक अधिवक्ता पर युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है।
पिता का हैवानियत भरा कृत्य
ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी के साथ उसके पिता ने लगातार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अपनी सहेली को आपबीती बताई जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अधिवक्ता पर भी लगे गंभीर आरोप
दूसरी ओर, खटीमा निवासी एक युवक ने आवास विकास पुलिस चौकी में एक अधिवक्ता के खिलाफ अपनी बहन को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। युवक का आरोप है कि अधिवक्ता ने उसकी बहन का फोन बंद कर दिया है और उसे किसी अनहोनी की आशंका है।
दोनों मामलों में पुलिस जांच में जुटी
पुलिस दोनों ही मामलों में गहनता से जांच कर रही है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समाज में फैली चिंता
इन दोनों घटनाओं ने समाज में सनसनी फैला दी है। लोग ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा कर रहे हैं और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को काउंसलिंग की आवश्यकता होती है ताकि वे इस सदमे से उबर सकें। साथ ही, समाज को भी ऐसे मामलों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है ताकि पीड़ितों को मदद मिल सके।
सरकार को उठाने चाहिए कदम
सरकार को ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने चाहिए और इनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही, महिलाओं और बच्चों के सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।
ये घटनाएं समाज के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।
* बच्चों की सुरक्षा: इन घटनाओं से साफ है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहना होगा।
* कानून का राज: ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि अन्य लोग इस तरह के अपराध करने से डरें।
* समाज में जागरूकता: समाज को ऐसे मामलों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है ताकि पीड़ितों को मदद मिल सके।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement