Connect with us

उत्तराखंड पुलिस

एसटीएफ ने ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ स्कैम का भंडाफोड़ किया, एक गिरफ्तार

Published

on

खबर शेयर करें 👉

देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने देशभर में फैले ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ स्कैम का भंडाफोड़ करते हुए एक अभियुक्त को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने देहरादून की एक महिला से 1.70 करोड़ रुपये की ठगी की थी।


क्या है मामला?
देहरादून की एक महिला के पास फेडेक्स कोरियर से एक कॉल आई थी जिसमें कहा गया कि उसके नाम से भेजे गए पार्सल में अवैध सामान है और उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर जालसाजों ने महिला को स्काइप कॉल पर धमकाया और बैंक खाते से पैसे निकालकर उन्हें बताए गए खाते में ट्रांसफर करने को कहा। महिला डर के मारे जालसाजों के झांसे में आ गई और उसने 1.70 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी की छात्रा अंजलि की फन सिटी में मौत, स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप


कैसे पकड़ा गया आरोपी?
एसटीएफ ने महिला की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई शुरू की और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने हरियाणा के यमुनानगर में दबिश देकर आरोपी मनी कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, दो डेबिट/क्रेडिट कार्ड, दो आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है।
क्या है ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ स्कैम?
‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ स्कैम में जालसाज लोगो को फोन या वीडियो कॉल के जरिए धमकाते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनके खिलाफ कोई अपराध हुआ है। वे खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताते हैं और पीड़ित को डराकर उनसे पैसे ऐंठ लेते हैं।
कैसे बचें इस स्कैम से?
* किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाले कॉल पर संदेह करें।
* कभी भी किसी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी या बैंक खाते की जानकारी न दें।
* अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल आता है तो तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम से संपर्क करें।
* साइबर क्राइम से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार की साइट http://www.cybercrime.gov.in पर जा सकते हैं।

Select Language

Advertisement