कोटद्वार
अंकिता भंडारी हत्याकांड: अदालत में सुनवाई पूरी, 30 मई को आएगा फैसला
कोटद्वार। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में सोमवार को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) में अंतिम सुनवाई पूरी हो गई। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद 30 मई को फैसले की तारीख तय की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूरे देश की निगाहें अब कोर्ट के निर्णय पर टिकी हैं।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी ने बचाव पक्ष की दलीलों का जवाब देते हुए कहा कि अभियोजन ने इस मामले में ठोस साक्ष्य और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों की संलिप्तता सिद्ध की है। उन्होंने अदालत से तीनों अभियुक्तों को कठोरतम सजा देने की मांग की। इस दौरान मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को संबंधित जेलों से अदालत में पेश किया गया।
इस मामले में सुनवाई की शुरुआत 28 मार्च 2023 को एडीजे कोर्ट कोटद्वार में हुई थी। लगभग दो वर्षों तक चले इस ट्रायल में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 97 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से विवेचक सहित 47 गवाहों की अदालत में गवाही कराई गई। अभियोजन का दावा है कि इन गवाहियों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता पूरी तरह प्रमाणित है।
क्या है मामला
18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया। करीब एक सप्ताह बाद 24 सितंबर को उसका शव नहर से बरामद हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया था, जिसने विस्तृत जांच कर लगभग 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी।
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354(ए) (छेड़छाड़) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं। वहीं, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर धारा 302, 201 और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के अंतर्गत विचारण किया गया है।
अब सभी की निगाहें 30 मई को आने वाले फैसले पर टिकी हैं, जो इस दिल दहला देने वाले मामले में न्याय की दिशा तय करेगा।
