हरिद्वार
हर की पौड़ी: अन्न की बेकद्री, कूड़ेदान में फेंका जा रहा है भोजन, प्रशासन मौन
हरिद्वार। हर की पौड़ी, नाई घाट और सुभाष घाट पर रोजाना हजारों श्रद्धालु पूजा-पाठ और स्नान के बाद गरीबों को भोजन कराते हैं। दुकानों से खरीदा गया यह भोजन भंडारा के नाम पर बांटा जाता है, लेकिन यहां श्रद्धा का अन्न अब बर्बादी का शिकार हो रहा है।
स्थानीय लोगों और भिखारियों के बीच गुपचुप तरीके से एक अलग ही खेल चल रहा है। भिखारी ₹2–₹5 की दक्षिणा लेकर श्रद्धालुओं से भोजन लेकर उसे पास के कूड़ेदान में फेंक देते हैं। श्रद्धालु तो यही सोचते हैं कि उनका प्रसाद गरीबों तक पहुंच रहा है, मगर असलियत में यह पवित्र अन्न सीधे कूड़ेदान का रास्ता पकड़ लेता है।
एनजीटी के नियमों के मुताबिक घाटों के आसपास कूड़ा फेंकना सख्त मना है। बावजूद इसके श्रद्धा के नाम पर यह पवित्र भोजन खुलेआम फेंका जा रहा है और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। एनजीटी की गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर मूकदर्शक बने हुए हैं।
हर की पौड़ी पर यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ के इस खेल ने नया मोड़ ले लिया है। सवाल उठता है कि श्रद्धा के इस अपमान का जिम्मेदार कौन है?
प्रशासन की नाकामी ने घाटों को कूड़ाघर बना दिया है और भोजन के नाम पर चल रहे इस खेल ने न केवल श्रद्धा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि गरीबों के मुंह से निवाला भी छीन लिया है।
अब जरूरत है कि इस गंभीर मसले पर प्रशासन कड़ा एक्शन ले और श्रद्धालुओं के पवित्र अन्न का सही इस्तेमाल हो, ताकि सचमुच जरूरतमंदों का पेट भरे और श्रद्धा का सम्मान भी कायम रहे।
