CWN Desk

कर्णप्रयाग। चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र के कुंतरी फाली, सैंती और धुर्मा गांव बुधवार रात आई भीषण बारिश और बादल फटने से बुरी तरह प्रभावित हुए। इन गांवों में तबाही के मंजर ने ग्रामीणों को गहरे जख्म दे दिए हैं। चारों ओर चीख-पुकार मची है और लोग अपनों की तलाश में बदहवास भटक रहे हैं।
आपदा के बीच सबसे बड़ी राहत की खबर कुंतरी फाली गांव से आई, जहां 42 वर्षीय कुंवर सिंह को करीब 18 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकाल लिया गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं उनकी पत्नी कांता देवी और दोनों बेटे विकास व विशाल अब भी मलबे में दबे हैं। रिश्तेदारों और ग्रामीणों के अनुसार उनकी आवाजें मलबे से आ रही हैं। इसी उम्मीद के सहारे एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासनिक टीमें उन्हें सुरक्षित निकालने में जुटी हैं। स्थानीय लोग भी राहत व बचाव कार्य में कंधे से कंधा मिलाकर लगे हुए हैं।
व्यापारी नंदन सिंह रावत ने बताया कि आधी रात को तेज गर्जना और मूसलधार बारिश शुरू हुई। लोग कभी घरों के अंदर और कभी बाहर सुरक्षित जगह तलाश रहे थे। लेकिन बारिश ने इतना कहर बरपाया कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई घर, खेत और जीवनभर की कमाई देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गई।
लापता लोगों के परिजन बेसुध होकर ढहे घरों को निहार रहे हैं। गांव में हर ओर दर्द और बेबसी का माहौल है। इस कठिन घड़ी में ग्रामीणों की एक ही पुकार है—मलबे में दबे अपने प्रियजनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए।