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देहरादून

उत्तराखंड: 15 मांगों पर अडिग दिव्यांगों को हिरासत में लिया, गुस्सा भड़का!

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देहरादून परेड ग्राउंड में ‘उत्तराखंड दिव्यांग क्रांति महाआंदोलन’ के मूक-बधिर और दिव्यांगों का शांतिपूर्ण धरना रोका गया। पुलिस ने चौथी बार लिया हिरासत में। जानें क्या हैं 15 सूत्रीय मांगें और आंदोलन की पूरी खबर।

देहरादून। एक बार फिर पुलिस ने दिव्यांग क्रांति महाआंदोलन के पदाधिकारियों और मूक-बधिर दिव्यांगजनों को हिरासत में ले लिया है। संगठन के सदस्यों ने परेड ग्राउंड में अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना देने की योजना बनाई थी। धरने की सूचना प्रशासन को पहले ही दी जा चुकी थी और देवभूमि बधिर एसोसिएशन का अनुमति पत्र भी दिखाया गया, लेकिन पुलिस ने उन्हें अनुमति नहीं दी। सभी आंदोलनकारियों को करनपुर चौकी ले जाया गया, यह उनकी चौथी हिरासत है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि और कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों का सवाल है कि क्या दिव्यांगजन अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से धरना भी नहीं कर सकते? संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी इच्छा केवल दिव्यांगजनो की मांगों को पूरा कराना है। धरने में शामिल होने वालों में संदीप अरोड़ा, विपिन चौहान, उमेश ग्रोवर, सोनिया अरोड़ा, अपूर्व नौटियाल समेत कई लोग थे। पुलिस ने संदीप अरोड़ा के मुताबिक, उनके साथी उमेश ग्रोवर को घर से और अरुण चौधरी को उनके गांव भोवावाली से हिरासत में लिया।
लगातार गिरफ्तारी और विरोध
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दिव्यांगों को हिरासत में लिया गया है। इससे पहले, 8 सितंबर को प्रदेश भर के 500 से अधिक दिव्यांगजनों ने सीएम आवास कूच किया था, तब भी सभी को गिरफ्तार कर हर्रावाला पुलिस चौकी छोड़ा गया था। उसके बाद भी आंदोलन के लिए देहरादून जाते समय उन्हें तीन बार हिरासत में लिया जा चुका है। बार-बार हिरासत में लिए जाने के बावजूद, मूक बधिर और दिव्यांगजन अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ एकजुट हैं और आंदोलन जारी रखने पर अडिग हैं।

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