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उत्तराखंड बिजली संकट: ऊर्जा निगम ने 16.23% बढ़ोतरी का प्रस्ताव UERC को भेजा, बिल पर पड़ेगा सीधा असर!

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उत्तराखंड ऊर्जा निगम बोर्ड ने राजस्व घाटा पूरा करने के लिए बिजली दरों में 16.23% वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जानें आपके घरेलू बिल पर कितना पड़ेगा बोझ और कब लागू होंगी नई दरें।

देहरादून। उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं पर जल्द ही बोझ बढ़ सकता है। गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई ऊर्जा निगम बोर्ड की बैठक में बिजली दरों में 16.23% की बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। यह प्रस्ताव राजस्व घाटा पूरा करने और बिजली की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। जल्द ही इसे उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) को भेजा जाएगा, जो अंतिम दरें तय करेगा। निगम ने बताया कि मौजूदा दरों से केवल ₹10078.47 करोड़ का राजस्व मिल रहा है, जबकि जरूरत ₹11422.37 करोड़ की है।
घरेलू उपभोक्ताओं के बिल पर सीधा असर, जानिए कितना बढ़ेगा बोझ
यदि आयोग इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो घरेलू उपभोक्ताओं के उपभोग के अनुसार बिल में वृद्धि होगी। 100 यूनिट तक उपभोग करने पर 56 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी होगी, जिससे बिल लगभग ₹56 तक बढ़ जाएगा। इसी तरह, 200 यूनिट तक उपभोग पर 84 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी होगी, यानी बिल लगभग ₹168 तक बढ़ेगा। 400 यूनिट तक उपभोग करने वालों के लिए ₹1.12 प्रति यूनिट और 400 यूनिट से अधिक उपभोग पर ₹1.25 प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। यह वृद्धि आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालेगी।
नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना
प्रस्ताव को आयोग द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद नई दरें 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू होंगी। हालांकि, अंतिम घोषणा से पहले UERC प्रस्ताव पर आम जनता से सार्वजनिक आपत्तियां और सुझाव भी मांगेगा। इसके बाद विस्तृत सुनवाई होगी, और मार्च के अंतिम सप्ताह में नई दरों की घोषणा की जाएगी। इसके अलावा, ऊर्जा निगम यूपी के समय की ट्रांसफर स्कीम (लगभग ₹5900.01 करोड़) का खर्च भी बिजली दरों में जोड़ने की मांग कर रहा है, जिसे समायोजित करने पर बिजली दरों में 48% तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
वृद्धि के बाद भी सस्ती बिजली का दावा
एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार ने कहा कि नियामक आयोग की मंजूरी के बाद ही नई दरें लागू होंगी। उन्होंने दावा किया कि दरों में वृद्धि के बावजूद उत्तराखंड में बिजली हिमाचल जैसे पावर सरप्लस राज्य से भी सस्ती दी जा रही है। पड़ोसी राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में घरेलू बिजली की दरें कम हैं (उत्तराखंड ₹6.16/यूनिट जबकि उत्तर प्रदेश ₹6.71/यूनिट)। लेकिन उपभोक्ता हित समूहों की नजर अब आयोग द्वारा आयोजित होने वाली आपत्तियों और सुझावों की सुनवाई पर रहेगी।

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