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उत्तराखण्ड

PM सूर्यघर योजना: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग का फैसला, 20 अगस्त के बाद सोलर बिजली का 50% से कम रेट

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उत्तराखंड में पीएम सूर्यघर योजना के तहत नए सोलर प्लांट लगाने वालों को बड़ा झटका लगा है। नियामक आयोग ने 20 अगस्त 2025 के बाद ग्रिड में जाने वाली बिजली का भुगतान रेट 50% से कम कर दिया है। अब सिर्फ ₹2 प्रति यूनिट का भुगतान होगा। राज्य सब्सिडी पहले ही बंद हो चुकी है।

देहरादून। उत्तराखंड में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) की ओर से बड़ा झटका लगा है। आयोग ने 20 अगस्त 2025 से सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड में जाने वाली अतिरिक्त बिजली के भुगतान की दरें कम कर दी हैं। अब ऐसे उपभोक्ताओं को इस्तेमाल के बाद बची हुई बिजली का भुगतान 50 फीसदी से भी कम रेट पर किया जाएगा।
नई व्यवस्था से कम मिलेगा भुगतान
नियामक आयोग के नए आदेश के अनुसार, 20 अगस्त 2025 के बाद लगे सोलर प्लांट से पैदा होने वाली जितनी भी अतिरिक्त बिजली ग्रिड के जरिए यूपीसीएल (UPCL) को मिलेगी, उसका भुगतान अब केवल ₹2 प्रति यूनिट के हिसाब से ही होगा। यह नई व्यवस्था पुराने सोलर प्लांट संचालकों पर लागू नहीं होगी, जिन्हें पहले की तरह 4.29 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान मिलता रहेगा। 31 मार्च 2025 तक लगे प्लांट के लिए टैरिफ 4.29 रुपए था, जिसे 1 अप्रैल 2025 से घटाकर 4.12 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया था। अब ₹2 प्रति यूनिट की नई दर ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
पहले से ही बंद है राज्य सब्सिडी
उपभोक्ता पहले से ही पीएम सूर्य घर योजना में राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी बंद होने से परेशान हैं। सब्सिडी बंद होने के बाद अब बिजली के कम टैरिफ ने उनकी आर्थिक गणना को और बिगाड़ दिया है। आयोग के इस आदेश से पहले पुराने लगे सोलर प्लांट संचालकों में भी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी कि कहीं उनके लिए भी दरें कम न हो जाएं। हालांकि, नियामक आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ₹2 प्रति यूनिट की दर केवल 20 अगस्त 2025 के बाद लगे नए प्लांट पर ही लागू होगी। सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में कम भुगतान दर लागू होने से नए उपभोक्ताओं में निराशा बढ़ी है। उनका मानना है कि सब्सिडी खत्म होने और अब टैरिफ कम होने से सोलर प्लांट लगाने का आकर्षण घटेगा।

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