हल्द्वानी
नैनीताल DM का हल्द्वानी तहसील में छापा: प्राइवेट लोग देख रहे थे सरकारी फाइलें, तहसीलदार को लगाई फटकार
नैनीताल डीएम ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी तहसील का औचक निरीक्षण किया। कोर्ट फाइलों पर प्राइवेट युवक काम करते मिले तो भड़के डीएम। पूरी जांच के दिए आदेश।
हल्द्वानी: नैनीताल के जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल सोमवार को अचानक हल्द्वानी तहसील पहुंचे, जहाँ उनके औचक निरीक्षण ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि तहसील के भीतर संवेदनशील सरकारी दस्तावेजों और दाखिल-खारिज की फाइलों पर दो निजी व्यक्ति (प्राइवेट लोग) काम कर रहे थे। इस गंभीर लापरवाही को देख डीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने सार्वजनिक रूप से तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई।
संवेदनशील दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ पर भड़के डीएम
दोपहर करीब 11:30 बजे जब डीएम कार्यालय के भीतर दाखिल हुए, तो उन्होंने देखा कि दो युवक न्यायालय से जुड़ी फाइलों को निपटा रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि वे न तो सरकारी कर्मचारी हैं और न ही आउटसोर्सिंग स्टाफ। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा, “संवेदनशील दस्तावेज किसी प्राइवेट आदमी के एक्सेस में नहीं होने चाहिए। आपने न्यायालय के कामों में बाहरी लोगों को जोत रखा है, यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
‘ऐसी स्पीड नहीं चाहिए’ – रजिस्ट्रार कानूनगो को भी लताड़ा
निरीक्षण के दौरान जब रजिस्ट्रार कानूनगो (RK) ने काम की गति बढ़ाने का तर्क दिया, तो डीएम ने उसे सिरे से खारिज कर दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि काम की रफ्तार बढ़ानी है, तो वर्किंग ऑवर बढ़ाएं और अपनी कार्यक्षमता सुधारें, न कि बाहरी लोगों को सरकारी रिकॉर्ड सौंपें। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रशासन खुद बाहरी लोगों को आमंत्रित करेगा, तो फर्जी सर्टिफिकेट और गलत दाखिल-खारिज की शिकायतें आना लाजिमी है।
हल्द्वानी तहसील में बैठाई जाएगी विस्तृत जांच
डीएम ललित मोहन रयाल ने इस पूरे मामले को सुरक्षा और गोपनीयता का बड़ा उल्लंघन माना है। उन्होंने साफ कहा कि नियमित कर्मचारी, संविदा या आउटसोर्स स्टाफ के अलावा सातवां व्यक्ति दफ्तर के अंदर नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की एक ‘डिटेल इनक्वायरी’ (विस्तृत जांच) बैठाने के आदेश दिए हैं। डीएम ने सख्त लहजे में कहा, “आप खुद थाली परोस रहे हो कि आओ नकली दस्तावेज बना लो।”
