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हल्द्वानी मंडी में आर-पार की जंग: नए साल के पहले दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल, ठप रहेगा कारोबार

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हल्द्वानी मर्चेंट एसोसिएशन ने मंडी प्रशासन के उत्पीड़न के खिलाफ 1 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। फल, सब्जी और गल्ला मंडी रहेगी पूरी तरह बंद।

हल्द्वानी: उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में से एक, हल्द्वानी नवीन मंडी में व्यापारियों और प्रशासन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। मंडी परिषद और मंडी समिति हल्द्वानी पर कथित उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मर्चेंट एसोसिएशन ने 1 जनवरी 2026 (गुरुवार) से अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया है। इस हड़ताल से फल, सब्जी और किराना कारोबार पूरी तरह ठप रहने की संभावना है।
एसोसिएशन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली को ‘मनमानी और दबावपूर्ण’ बताया गया है। व्यापारियों का मुख्य विरोध अतिक्रमण और लीज एग्रीमेंट के नाम पर हो रही कार्रवाई को लेकर है। व्यापारियों का आरोप है कि जिन गोदामों के वैध दस्तावेज मौजूद हैं, उनका किराया भी स्वीकार नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी कानूनी स्थिति पर जानबूझकर संकट पैदा किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने कहा कि नवीन मंडी समिति परिसर में अनियोजित निर्माण कर अवैध रूप से गोदाम और दुकानें आवंटित की जा रही हैं। मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आलू, फल और गल्ला व्यापारियों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ फल मंडी और गल्ला मंडी एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से मैदान संभाल लिया है।
इस बड़े आंदोलन को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल का भी पूर्ण समर्थन मिल गया है। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि व्यापारियों की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा। साल के पहले ही दिन मंडी बंद रहने से आम जनता को फल और सब्जियों की किल्लत और बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।
विपिन गुप्ता और हर्षवर्धन पांडे आदि व्यापारी नेताओं ने कहा कि प्रशासन को भ्रष्टाचार और अवैध आवंटन की जांच कर पारदर्शी नीति अपनानी चाहिए। फिलहाल, इस हड़ताल के चलते कुमाऊं क्षेत्र की सप्लाई चेन पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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