हल्द्वानी
मुख्यमंत्री धामी का बड़ा बयान: देवभूमि की साहित्यिक चेतना नई पीढ़ी को दे रही राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा
कालाढुंगी में आयोजित ‘अभिव्यंजना’ कवि सम्मेलन में पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी। कहा- समाज का दर्पण होती हैं कवियों की रचनाएं। कुमार विश्वास और अशोक चक्रधर सम्मानित।
हल्द्वानी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि देवभूमि सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की पावन भूमि रही है। हिमालय की गोद में बसी इस धरती ने देश को कई महान साहित्यकार, कवि और लोकचिंतक दिए हैं। इन विभूतियों ने हमेशा अपनी कलम और विचारों से समाज को एक नई और सही दिशा दिखाने का काम किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को कालाढुंगी के धनपुर धमोला में आयोजित एक फाउंडेशन के पांचवें अधिवेशन ‘अभिव्यंजना’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।
इस भव्य कवि सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने देश के प्रसिद्ध कवियों और साहित्यकारों को संबोधित किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कवि केवल शब्द नहीं बुनते, बल्कि वे समाज के सच्चे मार्गदर्शक और प्रेरक होते हैं। कवियों की रचनाएं हमेशा समाज को सच का आईना और दर्पण दिखाने का काम करती हैं। मुख्यमंत्री ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी साहित्यकारों और कवियों की सक्रिय भूमिका और उनके क्रांतिकारी योगदान को याद किया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के विख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास की विशिष्ट प्रस्तुति शैली की जमकर सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने हास्य-व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों के लिए पद्मश्री अशोक चक्रधर और डॉ. हरिओम पंवार की लेखनी को भी सराहा। उन्होंने गर्व से कहा कि देवभूमि की समृद्ध साहित्यिक चेतना हमारी नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित कर रही है। इस मौके पर विधायक बंशीधर भगत और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से पहुंचे दिग्गज कवियों और साहित्यकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सोच का सम्मान है। इससे पहले आईआरबी परिसर में हेलीकॉप्टर से पहुंचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।
