अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
दन्या में गरजे सीएम धामी: विकास और संस्कृति का संरक्षण हमारी प्राथमिकता
अल्मोड़ा के दन्या में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दन्या महाविद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने सैम मंदिर जीर्णोद्धार और विकास योजनाओं पर प्रकाश डाला।
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अल्मोड़ा जिले के दन्या में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसभा से पूर्व मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए नवनिर्मित दन्या महाविद्यालय का विधि-विधान से लोकार्पण किया। अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री ने “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष के साथ की। इस दौरान क्षेत्र की जनता और युवाओं में मुख्यमंत्री को सुनने के लिए भारी उत्साह देखने को मिला।
मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने जागेश्वर के विधायक मोहन सिंह महरा की जमकर सराहना की। उन्होंने विधायक महरा को विकास के प्रति पूरी तरह समर्पित और एक ऊर्जावान जनप्रतिनिधि बताया। सीएम ने कहा कि विधायक क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने “टीम जागेश्वर” को राज्य की सबसे सशक्त टीमों में से एक बताते हुए उनके सामूहिक प्रयासों की पीठ थपथपाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार प्रदेश को विश्वस्तरीय सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इसी क्रम में उन्होंने जानकारी दी कि दन्या स्थित पौराणिक सैम मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने दो करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की है, जिससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार और स्वरोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन फेस्टिवल योजना, मत्स्य पालन, कीवी और सेब उत्पादन को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं और राज्य में रिवर्स पलायन की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अब केवल योग्य और प्रतिभावान युवाओं को ही रोजगार मिल रहा है।
