अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
केतन हत्याकांड के विरोध में अल्मोड़ा में फूटा गुस्सा, न्याय की मांग तेज
टिहरी के केतन हत्याकांड के विरोध में अल्मोड़ा के गांधी पार्क में सामाजिक कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन। जानें दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की प्रमुख मांगें।
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हुए निर्मम केतन हत्याकांड के खिलाफ पूरे राज्य में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज अल्मोड़ा के ऐतिहासिक गांधी पार्क में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस विरोध कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद लाल वर्मा ने की, जबकि संचालन उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के महासचिव नारायण राम ने किया। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार के लिए तत्काल न्याय और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए उपपा के केंद्रीय संयोजक पी सी तिवारी ने इस घटना को बेहद अमानवीय बताया। उन्होंने कहा कि लम्बगाँव में युवक केतन लाल की जिस बर्बरता से हत्या की गई, वह पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। एक लड़की से दोस्ती के नाम पर युवक को रातभर प्रताड़ित कर मार डाला गया, जो राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। वक्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि यह किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत की लड़ाई है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। धरने में पूर्व के कुछ मामलों जैसे कि कफल्टा कांड, जगदीश हत्याकांड और अंकिता भंडारी मामले का भी उल्लेख किया गया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने चेताया कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन पूरे उत्तराखंड में और उग्र रूप लेगा।
प्रदर्शन के अंत में महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। इस आंदोलन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से चार बड़ी मांगें सरकार के सामने रखी हैं। इन मांगों में मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई, दोषियों को सख्त सजा, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और घटना में घायल हुए साथी दिवाकर के मुफ्त इलाज की व्यवस्था शामिल है। इस धरने में भारी संख्या में स्थानीय लोग, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता एकजुट हुए।
