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नैनीताल

नैनीताल डीएम की बड़ी कार्रवाई: दो सरकारी कर्मचारी निलंबित और स्थानांतरित, अनुशासनहीनता पर गिरी गाज

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नैनीताल डीएम ललित मोहन रयाल ने अनुशासनहीनता और आरटीआई के दुरुपयोग पर दो कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। वेतन वृद्धि रोकने और तबादले के आदेश जारी।

नैनीताल। जिलाधिकारी (डीएम) Lalit Mohan Rayal ने सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वाले दो कार्मिकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अलग-अलग मामलों में दोषी पाए जाने पर एक वरिष्ठ सहायक की वेतन वृद्धि रोक दी गई है, जबकि दूसरे प्रधान सहायक का जिला मुख्यालय से बाहर तबादला कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
पहले मामले में राजस्व विभाग के वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा को गंभीर अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया। गैड़ा ने अपने स्थानांतरण आदेश के विरोध में सार्वजनिक मंच से शासन के निर्णय की आलोचना की थी। इसके अलावा, उन पर कार्यालय परिसर में नारेबाजी करने और सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप सिद्ध हुए हैं। Nainital News के अनुसार, जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि के बाद उनकी दो वर्षों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) रोकने के आदेश दिए गए हैं।
दूसरे मामले में नैनीताल जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक मोहम्मद अकरम पर RTI Act के दुरुपयोग का आरोप लगा है। अकरम ने विभिन्न पटलों से व्यापक सूचना मांगी थी, जिसके जवाब में विभाग ने करीब तीन हजार पन्नों का रिकॉर्ड तैयार किया। हालांकि, बिना किसी ठोस कारण के उन्होंने सूचना लेने से इनकार कर दिया, जिससे कार्यालय की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई। डीएम ने इसे विधिक मर्यादाओं का उल्लंघन मानते हुए उनका तबादला अन्यत्र कर दिया है।
डीएम ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया कि लोक सेवकों से मर्यादित आचरण की अपेक्षा की जाती है। यदि कोई कर्मचारी शासकीय कार्यों में बाहरी दबाव बनाने या नियमों का उल्लंघन करने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Uttarakhand News में इस फैसले को प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को भविष्य के लिए कठोर चेतावनी भी जारी की गई है।
जिलाधिकारी की इस कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि सरकारी तंत्र में अनुशासनहीनता के लिए कोई स्थान नहीं है। मोहम्मद अकरम को दी गई चेतावनी में कहा गया है कि भविष्य में शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन अब इन पदों पर नई नियुक्तियों और कार्यों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुट गया है।

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