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हल्द्वानी

नैनीताल DM का हल्द्वानी के 12 स्कूलों को अल्टीमेटम, फीस और किताबों की लूट पर नोटिस

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डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी के 12 नामी स्कूलों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। किताबों, ड्रेस और फीस में मनमानी रोकने के कड़े निर्देश। पूरी लिस्ट यहाँ देखें।

हल्द्वानी। नैनीताल जिले के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी के निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों के शोषण के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने स्कूल फीस, ड्रेस, जूते और किताबों के नाम पर अवैध वसूली करने वाले 12 और बड़े स्कूलों को कारण बताओ नोटिस (अल्टीमेटम) जारी किया है। प्रशासन ने इन स्कूलों को अपनी गलतियों में सुधार करने के लिए मात्र 15 दिन का समय दिया है।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, नोटिस पाने वाले स्कूलों में सेंट लॉरेंस, दीक्षांत इंटरनेशनल, केवीएम पब्लिक, माउंट लीटेरा जी, डीपीएस रामपुर रोड, ओरम द ग्लोबल, जस गोविन, डीएवी, नैनी वैली, गुरुकुल इंटरनेशनल, शिवालिक इंटरनेशनल और टीआरवी स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों पर आरोप है कि वे खास दुकानों से सामान खरीदने का दबाव बनाकर कालाधन कमा रहे हैं।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल 15 दिनों के भीतर बदली हुई किताबों की सूची सार्वजनिक करें और एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तकों को प्राथमिकता दें। किसी भी अभिभावक को किसी विशेष दुकान से ड्रेस या जूते खरीदने के लिए बाध्य करना तत्काल प्रभाव से बंद होना चाहिए। इसके साथ ही स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर किताबों की दर और पूरी फीस संरचना को स्पष्ट रूप से अपलोड करना होगा।
प्रशासन ने उन अभिभावकों को राहत देने के भी निर्देश दिए हैं जिनसे अनावश्यक किताबों के नाम पर पैसा वसूला गया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि स्कूल या तो वह पैसा वापस करें या आगामी महीनों की फीस में उसे एडजस्ट करें। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए विकासखंड स्तरीय संयुक्त जांच समिति गठित कर दी गई है, जो 15 दिनों में अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपेगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल के माध्यम से अब तक जिले के कुल 101 स्कूलों को इस तरह के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से उन स्कूलों में हड़कंप मच गया है जो शिक्षा को व्यापार बनाकर अभिभावकों की जेब पर डाका डाल रहे थे। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों में सुधार नहीं हुआ, तो स्कूलों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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