अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: वसंत पंचमी पर बर्फबारी से चांदी जैसा चमका कुमाऊं
कुमाऊं में सीजन की पहली बर्फबारी! नैनीताल, मुक्तेश्वर और अल्मोड़ा समेत कई इलाकों में भारी हिमपात। जानें उत्तराखंड मौसम अपडेट और तापमान में आई गिरावट की पूरी खबर।
नैनीताल/हल्द्वानी। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में इस बार वसंत पंचमी का स्वागत बर्फ की सफेद चादर के साथ हुआ है। आमतौर पर वसंत को ठंड की विदाई का प्रतीक माना जाता है, लेकिन शुक्रवार को मौसम ने करवट बदल ली। कुमाऊं के अधिकतर पर्वतीय क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। निचले इलाकों में बारिश और सर्द हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात
मुनस्यारी, मुक्तेश्वर, कौसानी और धारचूला जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर जमकर बर्फ गिरी है। नैनीताल की नयना पीक और आसपास के पंगोट क्षेत्र पूरी तरह बर्फ से ढक गए हैं। नैनीताल में न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। वहीं मुक्तेश्वर में पारा शून्य से नीचे -2.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस बर्फबारी से स्थानीय कारोबारियों और पर्यटकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
अल्मोड़ा में सालों बाद लौटी रौनक
अल्मोड़ा नगर में शुक्रवार देर शाम हुई बर्फबारी ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहाँ साल 2022 के बाद पहली बार बर्फ गिरी है, जिससे स्थानीय लोग बेहद खुश हैं। जिले के कसारदेवी, बिनसर और जागेश्वर धाम में भी बर्फ की मोटी परत जम गई है। रानीखेत के चौबटिया और पांडवखोली क्षेत्रों में भी शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। पहाड़ों में हो रही इस बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी ठंड के रूप में दिख रहा है।
सीमांत जिलों में बारिश और बर्फ का अलर्ट
पिथौरागढ़ और चम्पावत जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मुनस्यारी के खलिया टॉप में करीब पांच इंच तक बर्फ जमा हो चुकी है। चम्पावत में लगभग 105 दिनों के लंबे सूखे के बाद बारिश हुई है, जिससे काश्तकारों को राहत मिली है। बागेश्वर के कपकोट और ऊंचाई वाले गांवों में भी भारी बर्फबारी की सूचना है। प्रशासन ने यात्रियों को फिसलन और ठंड को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

