उत्तराखण्ड
उत्तराखंड: सरकारी स्कूलों में अब एक समान होंगी छुट्टियां, शिक्षा विभाग ने बदला नियम
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब गर्मी और सर्दी की छुट्टियां समान होंगी। शिक्षा विभाग ने 200 दिन पढ़ाई का लक्ष्य रखने के लिए छुट्टियों में कटौती का प्रस्ताव तैयार किया है।
देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब छुट्टियों के पुराने ढर्रे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों को एक समान करने की योजना तैयार की है। अभी तक राज्य की अलग-अलग भौगोलिक स्थितियों (ऊंचाई और मैदानी क्षेत्रों) के आधार पर छुट्टियां अलग-अलग होती थीं, लेकिन अब पूरे प्रदेश में गर्मी और सर्दी में 16-16 दिन का ही अवकाश रहेगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत शैक्षणिक सत्र में कम से कम 200 दिन की पढ़ाई अनिवार्य है। वर्तमान व्यवस्था में स्कूलों को पढ़ाई के लिए केवल 184 दिन ही मिल पा रहे हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए दीर्घकालीन अवकाश के कुल 48 दिनों को घटाकर अब केवल 32 दिन किया जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत गर्मी की छुट्टियां 15 से 30 जून और सर्दियों की छुट्टियां 1 जनवरी से 16 जनवरी तक तय की गई हैं।
विभाग द्वारा जारी वार्षिक टाइम टेबल में स्पष्ट किया गया है कि साल भर में कुल 251 कार्यदिवस उपलब्ध होंगे। इसमें से परीक्षा और मूल्यांकन के लिए 30 दिन निर्धारित किए गए हैं, जबकि 10 दिन ‘बस्ता रहित’ (Bagless Days) गतिविधियों के लिए रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त 11 दिन आपदा, कांवड़ मेला और अन्य स्थानीय अवकाशों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इन सभी को काटकर छात्रों को साल में पूरे 200 दिन पढ़ाई का मौका मिलेगा।
शिक्षा विभाग ने इस नए प्रस्तावित ढांचे पर सभी जिलों से सुझाव मांगे हैं। जिलों से फीडबैक मिलने के बाद अंतिम प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस फैसले से पहाड़ और मैदान के स्कूलों के बीच छुट्टियों का अंतर समाप्त हो जाएगा। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों के शिक्षकों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया इस पर महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वहां बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण पहले लंबी सर्दियों की छुट्टियां दी जाती थीं।
