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उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद शिक्षा विभाग में ‘चपरासी’ का आतंक: निरीक्षण के नाम पर स्कूलों से हो रही है मोटी वसूली

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मुरादाबाद में शिक्षा विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर स्कूलों से मासिक वसूली और निरीक्षण की मुखबिरी का आरोप। मान्यता दिलाने के नाम पर भी उगाही। जानिए पूरा मामला।

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में शिक्षा विभाग के भीतर भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर विभागीय निरीक्षण के नाम पर अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कर्मचारी खुद को अधिकारी का खास बताकर निजी स्कूलों और शिक्षकों के बीच अपना खौफ पैदा कर चुका है।
हैरानी की बात यह है कि यह चपरासी अपनी निजी मोटरसाइकिल पर अधिकारियों को बैठाकर स्कूलों के निरीक्षण के लिए ले जाता है। आरोप है कि निरीक्षण से पहले ही वह संबंधित स्कूलों को सतर्क कर देता है ताकि वे अपनी कमियां छिपा सकें। इस निरीक्षण की मुखबिरी के बदले में वह हर महीने स्कूलों से एक निश्चित मोटी रकम वसूलता है। जो स्कूल पैसे देने से मना करते हैं, उन्हें अधिकारियों के जरिए कार्रवाई की धमकी दी जाती है।
इतना ही नहीं, इस कर्मचारी की भूमिका विभागीय लेनदेन में बिचौलिए के रूप में भी बताई जा रही है।
चर्चा है कि यह प्राइवेट स्कूलों की मान्यता दिलाने का ठेका लेता है और फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग करता है। नगर क्षेत्र के कई शिक्षक और स्कूल संचालक इसकी हरकतों से त्रस्त हैं, लेकिन अधिकारियों तक पहुंच होने के डर से कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस वसूली तंत्र में बड़े अधिकारियों की मौन सहमति और हिस्सेदारी भी हो सकती है। बिना उच्चाधिकारियों के संरक्षण के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का इतना बेखौफ होकर वसूली करना मुमकिन नहीं है। अब देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज खुलासे के बाद शिक्षा विभाग के आला अधिकारी इस चपरासी और उसके पीछे छिपे सफेदपोश चेहरों पर क्या कार्रवाई करते हैं।

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