देहरादून
कंगना रनौत का सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर प्रवेश विवाद पर बड़ा बयान: ‘सत्य लिखने में डर कैसा, सभी सनातनी हैं’
अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने केदारनाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश के लिए लिखित प्रमाण की मांग पर सारा अली खान का समर्थन करते हुए बयान दिया है। जानें क्या है पूरा विवाद।
नई दिल्ली/देहरादून: बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी से सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक बयानों के कारण सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर में गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी राय रखी है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब बदरी-केदार टेंपल कमेटी (BKTC) के अध्यक्ष ने मंदिर में प्रवेश के लिए ‘सनातन धर्म में आस्था’ का लिखित प्रमाण देने का सुझाव दिया, जिसमें अभिनेत्री सारा अली खान का उदाहरण दिया गया।
“सभी सनातनी हैं”: कंगना रनौत
संसद परिसर के बाहर मीडिया से रूबरू होते हुए कंगना रनौत ने इस नियम का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “यहाँ सभी लोग सनातनी हैं। सनातन का अर्थ है जिसका न कोई आदि है और न अंत। बाकी सभी धर्म भी उसी से निकले हैं, ऐसे में सत्य लिखने में डर कैसा? लिख देना चाहिए।” कंगना के इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। जहाँ कुछ लोग उनके इस तर्क का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि यदि सभी सनातनी हैं, तो फिर लिखित हलफनामे (Affidavit) की आवश्यकता ही क्या है?
सारा अली खान की चुप्पी और आस्था
इस पूरे विवाद के केंद्र में रहीं सारा अली खान ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सारा अक्सर केदारनाथ धाम के दर्शन करती रहती हैं और वहां की तस्वीरें साझा करती हैं। उन्होंने कई साक्षात्कारों में कहा है कि केदारनाथ जाकर उन्हें असीम शांति का अनुभव होता है। हालांकि, मंदिर समिति के इस नए संभावित नियम ने उनके जैसे श्रद्धालुओं के लिए एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
वर्कफ्रंट पर क्या है खास?
विवादों से इतर, सारा अली खान अपनी अगली फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ की तैयारियों में जुटी हैं। इस फिल्म में उनके साथ आयुष्मान खुराना, रकुल प्रीत सिंह और वामिका गब्बी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। वहीं कंगना रनौत भी राजनीति और अभिनय के बीच संतुलन बनाते हुए अपने संसदीय क्षेत्र और आगामी फिल्मों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
