Connect with us

देहरादून

केदारनाथ-बद्रीनाथ में गैर-सनातनियों का प्रवेश होगा वर्जित, सारा अली खान को देना होगा एफिडेविट

Published

on

खबर शेयर करें 👉

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक के लिए SOP तैयार की है। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर भी प्रतिबंध, जानें नई नियमावली।

देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा से पहले श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मर्यादा और अनुशासन को लेकर कड़े फैसले लिए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि अब धामों में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश मिलेगा जिनकी सनातन धर्म में अटूट आस्था है। इसके लिए एक विशेष सब-कमेटी का गठन किया गया है जो जल्द ही नई एसओपी (SOP) जारी करेगी।


सारा अली खान और एफिडेविट का मामला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के प्रवेश को लेकर सवाल पूछा गया, तो अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सारा अली खान या उनके जैसे किसी भी व्यक्ति को केदारनाथ में प्रवेश के लिए पहले एक एफिडेविट (शपथ पत्र) देना होगा। इस शपथ पत्र में उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि उनकी सनातन धर्म में पूरी आस्था है, तभी उन्हें दर्शन की अनुमति मिल सकेगी।
मंदिर परिसर में मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध
मंदिर की गरिमा बनाए रखने के लिए अब बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के 50 से 60 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह नियम केवल आम श्रद्धालुओं ही नहीं, बल्कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों और हक-हकूकधारियों पर भी लागू होगा। फोटोग्राफी के लिए मंदिर प्रशासन अलग से स्थान निर्धारित करेगा, ताकि मुख्य परिसर में भीड़ नियंत्रित रहे और दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
121 करोड़ का बजट और बेहतर सुविधाएं
अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए ₹121 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। इसमें से ₹57 करोड़ बद्रीनाथ और ₹63 करोड़ केदारनाथ धाम की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने पर खर्च होंगे। इसके अलावा, तीर्थ पुरोहितों के हितों के लिए ‘कल्याण कोष’ बनाने और ऑनलाइन पूजा व्यवस्था को और अधिक सुलभ बनाने का निर्णय भी लिया गया है।
रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण
यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह इस बार चरम पर है। 6 मार्च से शुरू हुए पंजीकरण के शुरुआती 11 दिनों के भीतर ही करीब सवा 6 लाख श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि शंकराचार्य के समय की परंपराओं का अध्ययन कर ही ये नए नियम लागू किए जा रहे हैं ताकि धामों की पवित्रता और सुरक्षा बनी रहे।

Select Language

Advertisement