नई दिल्ली
मेडिकल जगत में हड़कंप: डॉक्टर ने बिना बताए खुद के स्पर्म से पैदा किए 16 बच्चे, चौंकाने वाली रिपोर्ट
नीदरलैंड के रिजनस्टेट अस्पताल (Rijnstate Hospital) में पूर्व गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अलेक्जेंडर श्माउट्जिगर ने बिना सहमति के अपना स्पर्म इस्तेमाल कर 16 बच्चों को जन्म दिया। पढ़ें पूरी खबर।
नीदरलैंड। चिकित्सा जगत की नैतिकता को तार-तार करने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला नीदरलैंड के रिजनस्टेट अस्पताल (Rijnstate Hospital) से सामने आया है। अस्पताल की एक स्वतंत्र जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 1970 और 80 के दशक में कार्यरत पूर्व गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अलेक्जेंडर श्माउट्जिगर ने मरीजों की जानकारी या सहमति के बिना अपने ही स्पर्म (शुक्राणु) का इस्तेमाल कर कम से कम 16 बच्चों को जन्म दिया था।
अस्पताल द्वारा 10 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) के दौरान की गई। उस समय इलाज करा रहे माता-पिता को अंधेरे में रखा गया और उन्हें विश्वास दिलाया गया कि एक अनाम डोनर के स्पर्म का उपयोग हो रहा है। डॉक्टर ने अब खुद स्वीकार किया है कि जब ताज़ा डोनर स्पर्म उपलब्ध नहीं होता था, तो वह अपना स्पर्म इस्तेमाल कर लेता था।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब आधुनिक डीएनए (DNA) तकनीक और Fiom जैसी संस्थाओं की मदद से कई बच्चे और माताएं अपनी जड़ों की तलाश कर रही थीं। डीएनए टेस्टिंग में अब तक 16 बच्चों का मिलान सीधे तौर पर डॉ. श्माउट्जिगर के साथ हुआ है। अस्पताल बोर्ड के सदस्य हांस स्कू ने इस कृत्य को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने कहा कि उस समय की परिस्थितियों में भी यह नियमों का गंभीर उल्लंघन और विश्वासघात है।
इस खुलासे के बाद कई महिलाएं और उनके परिवार गहरे सदमे में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नीदरलैंड पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी, बिना सहमति के चिकित्सकीय हस्तक्षेप और नैतिक उल्लंघन के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कई पीड़ितों ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि कई अपनी पहचान और स्वास्थ्य इतिहास को लेकर जानकारी मांग रहे हैं। चिकित्सा इतिहास में इसे भरोसे के सबसे बड़े कत्ल के रूप में देखा जा रहा है।
