नई दिल्ली
नायरा एनर्जी ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा
देश की बड़ी निजी ईंधन रिटेलर नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। वैश्विक तेल संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर।
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी का असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर कंपनियों में शामिल नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। स्थानीय करों और वैट (VAT) के कारण कुछ राज्यों में पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर तक का उछाल देखा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की आपूर्ति में आए व्यवधानों के बाद लिया गया है। गौरतलब है कि 28 फरवरी के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रूस की ‘रोसनेफ्ट’ समर्थित नायरा एनर्जी, जो देश भर में लगभग 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है, ने बढ़ती लागत का भार अब उपभोक्ताओं पर डालने का निर्णय लिया है।
वर्तमान में सरकारी तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—बाजार के 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखती हैं और उन्होंने अप्रैल 2022 से कीमतों को स्थिर बनाए रखा है। हालांकि, रिलायंस-बीपी (Jio-bp) जैसी निजी कंपनियों को सरकारी सहायता नहीं मिलने के कारण बढ़ते घाटे के बीच कीमतें बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई है। हाल ही में सरकारी कंपनियों ने भी प्रीमियम पेट्रोल के दाम में 2 रुपये और औद्योगिक बल्क डीजल में करीब 22 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है।
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसका बड़ा भाग होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। ईरान और क्षेत्रीय तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 119 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो फिलहाल 100 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं। सरकार का कहना है कि पेट्रोल-डीजल डीरेगुलेटेड उत्पाद हैं, ऐसे में वैश्विक हालातों को देखते हुए आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।
