Connect with us

नई दिल्ली

CM धामी ने PM मोदी से की मुलाकात: ऋषिकेश तक रेपिड रेल और दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे की मांग

Published

on

खबर शेयर करें 👉

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर उत्तराखंड के विकास के लिए आभार जताया। रेपिड रेल विस्तार, डिफेंस हब और दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे समेत कई प्रस्ताव रखे।

नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास में केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्हें उत्तराखंड आगमन का भावपूर्ण निमंत्रण भी दिया। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्ताव प्रधानमंत्री के समक्ष रखे।
देवभूमि की विशेष भेंट और आभार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को टिहरी की शक्तिपीठ मां सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बद्री गाय का घी, पांच प्रकार की पहाड़ी राजमा और शहद भेंट किया। उन्होंने हरिद्वार कुम्भ-2027 के लिए ₹500 करोड़ की सहायता, चौरासी कुटिया के विकास के लिए ₹100 करोड़ और नैनी-सैनी हवाई पट्टी जैसे कार्यों के लिए केंद्र का विशेष धन्यवाद किया।
कनेक्टिविटी में क्रांति: रेपिड रेल और एक्सप्रेस-वे की मांग
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तीन बड़े अनुरोध किए:
* RRTS विस्तार: दिल्ली-मेरठ रेपिड रेल (RRTS) का विस्तार मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक करने का आग्रह।
* दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे: काशीपुर, रुद्रपुर और नैनीताल क्षेत्र की सुगम कनेक्टिविटी के लिए नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण का प्रस्ताव।
* रेल नेटवर्क: ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन का निर्माण और हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण (Doubleing) की आवश्यकता पर बल दिया।
उत्तराखंड बनेगा ‘ग्लोबल वेडिंग डेस्टिनेशन’ और ‘डिफेंस हब’
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के सुझाव पर अमल करते हुए राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। त्रियुगीनारायण के साथ-साथ अब चोपता और शारदा कॉरिडोर जैसे क्षेत्रों को भी चिन्हित किया गया है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सामरिक स्थिति को देखते हुए राज्य में रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयों (Defence Equipment Production Hub) की स्थापना के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। इसके लिए कोटद्वार, हरिद्वार और देहरादून को उपयुक्त बताया गया है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई धार
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की कुछ विशिष्ट पहलों की जानकारी साझा की:
* स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन: बेल केदार और लोहाघाट-श्यामलाताल जैसे क्षेत्रों को आध्यात्मिक आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
* आदि कैलास यात्रा: वर्ष 2022 के मुकाबले 2025 में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि (36,453 श्रद्धालु) दर्ज की गई है।
* हाउस ऑफ हिमालयाज: ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल रहा है।
* होम-स्टे क्रांति: राज्य में 6000 से अधिक होम-स्टे पंजीकृत हो चुके हैं और “Uttarastays” पोर्टल के जरिए उनकी मार्केटिंग की जा रही है।
प्रमुख सुधार और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 500 से अधिक अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण और “उत्तराखण्ड जन विश्वास विधेयक-2026” जैसे कदमों से ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में सुधार हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार और बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना के शिलान्यास का भी अनुरोध किया।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement