Report by : CWN Desk
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ट्रंप की युद्ध नीति के खिलाफ अमेरिका में ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन: लाखों लोग सड़कों पर उतरे

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति और बढ़ती महंगाई के खिलाफ ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन की तीसरी लहर। न्यूयॉर्क से सैन फ्रांसिस्को तक लाखों लोगों ने जताया विरोध।

वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अब अमेरिका के भीतर ही आंतरिक कलह और विरोध के सुर तेज हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति और देश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ शनिवार को अमेरिका के कई हिस्सों में ‘नो किंग्स’ (No Kings) प्रदर्शनों की तीसरी लहर देखी गई। इस विरोध प्रदर्शन में लाखों की संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया और सरकार की सैन्य व आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए।
ईरान और इस्राइल के बीच जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के 30वें दिन प्रवेश करने के साथ ही क्षेत्र में तनाव चरम पर है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन की नीतियां अमेरिका को एक और लंबी जंग में धकेल रही हैं। न्यूयॉर्क सिटी के मिडटाउन मैनहटन से लेकर सैन फ्रांसिस्को के एम्बारकाडेरो प्लाजा तक, लोग सड़कों पर उतरे और आप्रवासन (Immigration) व ईरान संघर्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मिनेसोटा के सेंट पॉल में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें मशहूर रॉक कलाकार ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने भी अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने इस दौरान फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स की कार्रवाई में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और मिनेसोटा को देश के लिए प्रेरणा बताया। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने भी इस मंच से संघीय नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए स्थानीय लोगों के साहस की सराहना की।
गौरतलब है कि अमेरिका में हो रहे ये प्रदर्शन केवल युद्ध तक सीमित नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों, आसमान छूती महंगाई और अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। हालांकि फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच जैसे कुछ स्थानों पर ट्रंप समर्थकों और विरोधियों के बीच मामूली झड़पें हुईं, लेकिन कुल मिलाकर यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे सरकार की वर्तमान आर्थिक और युद्ध संबंधी प्राथमिकताओं से सहमत नहीं हैं।

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