हल्द्वानी
कांग्रेस में ‘अपनों का विसर्जन’: भीमताल में पुष्कर नयाल का इस्तीफा
भीमताल में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका! पुराने दिग्गज पुष्कर नयाल ने पार्टी छोड़ी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के ‘बाहरी प्रेम’ पर उठाए सवाल। पढ़ें पूरी सियासी हलचल।
हल्द्वानी/भीमताल: उत्तराखंड में 2027 की सत्ता का ख्वाब देख रही कांग्रेस पार्टी के लिए अपनों की नाराजगी भारी पड़ती दिख रही है। भीमताल विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और राजनीति के पुराने खिलाड़ी पुष्कर नयाल ने कांग्रेस को ‘टा-टा, बाय-बाय’ कह दिया है। नयाल का इस्तीफा पार्टी के भीतर मचे उस घमासान का नतीजा है, जो ‘अपनों की उपेक्षा और बाहरी प्रेम’ के कारण शुरू हुआ है। इस इस्तीफे ने भीमताल में कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुष्कर नयाल ने सीधे तौर पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य पर निशाना साधा है। नयाल का आरोप है कि पार्टी के लिए सालों तक पसीना बहाने वाले वफादार कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यशपाल आर्य का ‘नया-नवेला बाहरी प्रेम’ पुराने सिपाहियों पर भारी पड़ रहा है। जो नेता हाल ही में भाजपा या अन्य दलों से आए हैं, उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर झंडा ढोने वाले कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
भीमताल की राजनीति में नयाल का जाना कांग्रेस के लिए एक बड़े ‘मांझी’ को खोने जैसा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पुराने वफादारों को नाराज करके 2027 की चुनावी नैया पार लगाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर घर के सिपाही ही उपेक्षा के आंसू पिएंगे, तो चुनावी रण में जोश कहाँ से आएगा? यह ‘स्पेशल ट्रेनिंग’ आलाकमान के लिए भविष्य में बड़ी मुसीबत बन सकती है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि पुष्कर नयाल के जाने के बाद भीमताल में कांग्रेस अपनी बिखरती नाव को कैसे संभालती है। क्या पार्टी नेतृत्व डैमेज कंट्रोल कर पाएगा या फिर नाराजगी की यह आग अन्य विधानसभा क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी? फिलहाल, नयाल के आरोपों ने यशपाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस की रणनीति को कटघरे में खड़ा कर दिया है। भीमताल का यह सियासी घटनाक्रम आने वाले दिनों में और भी दिलचस्प मोड़ ले सकता है।
