देहरादून
बंगाल चुनाव 2026: ममता के गढ़ में हुंकार भरेंगे CM धामी, UCC और नकल विरोधी कानून बनेगा हथियार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 6 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के बंगांव में रोड शो और चुनावी जनसभा करेंगे। UCC और सख्त धर्मांतरण कानून के दम पर मांगेंगे वोट।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता अब पहाड़ से निकलकर बंगाल के चुनावी मैदान तक जा पहुँची है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सीएम धामी की मांग लगातार बढ़ रही है। आगामी 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री पहली बार बंगाल के दौरे पर होंगे, जहाँ वे पार्टी प्रत्याशियों के नामांकन में शामिल होने के साथ ही एक विशाल रोड शो का नेतृत्व करेंगे।
मुख्यमंत्री धामी के इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। उनके तरकश में समान नागरिक संहिता (UCC), देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून और कड़ा धर्मांतरण रोकथाम कानून जैसे ऐतिहासिक फैसले हैं। इन उपलब्धियों के दम पर सीएम धामी बंगाल की जनता के बीच उत्तराखंड मॉडल को पेश करेंगे और ममता सरकार की नीतियों पर सियासी प्रहार करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 6 अप्रैल को सीएम धामी बगड़ा विधानसभा से सोमा ठाकुर, बंगांव उत्तर से अशोक कृतानिया, बंगांव दक्षिण से स्वप्न मंजूमदार और गैघाटा विधानसभा से प्रत्याशी शुभराता ठाकुर के नामांकन दाखिल करवाने पहुँचेंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बंगांव रेलवे स्टेशन से चुनावी सभा स्थल तक एक भव्य रोड शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि सीएम धामी का ‘युवा और कड़क’ छवि वाला व्यक्तित्व बंगाल के मतदाताओं, विशेषकर युवाओं को आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। वे न केवल केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान करेंगे, बल्कि उत्तराखंड में लिए गए साहसिक निर्णयों के जरिए बंगाल में ‘परिवर्तन’ की अपील करेंगे। इस दौरे से सीमावर्ती क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ और मजबूत होने की संभावना है।
निष्कर्षतः, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह दौरा बंगाल चुनाव में भाजपा के आक्रामक चुनाव प्रचार का हिस्सा है। अब देखना यह होगा कि देवभूमि के कड़े कानूनों और विकास की गूँज बंगाल के मतदाताओं पर कितना असर डालती है।
