नई दिल्ली
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: प्रदूषण मुक्त सफर की शुरुआत, जानें रूट और फीचर्स
भारतीय रेलवे ने रचा इतिहास! देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल सफल। प्रदूषण मुक्त सफर और शानदार फीचर्स के साथ जानें यह ट्रेन किन शहरों के बीच चलेगी।
नई दिल्ली। संचालित ट्रेन का सफल परीक्षण शुरू कर दिया है। यह ट्रेन ‘वंदे मेट्रो’ के हाइड्रोजन वर्जन के रूप में पेश की गई है, जो पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी। सरकार का लक्ष्य 2030 तक ‘नेट जीरो कार्बन एमिशन’ हासिल करना है, जिसमें यह तकनीक मील का पत्थर साबित होगी।
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका ईंधन है। यह ट्रेन डीजल या बिजली के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग करती है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के मिश्रण से बिजली पैदा होती है, जिससे ट्रेन चलती है। इस प्रक्रिया में धुएं की जगह केवल पानी की वाष्प (Water Vapor) निकलती है, जो पर्यावरण को बिल्कुल नुकसान नहीं पहुँचाती।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर चलाई जाएगी। रेल मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। ट्रायल सफल होने के बाद, इसे देश के अन्य पहाड़ी और हेरिटेज रूट जैसे कालका-शिमला रेलवे पर भी चलाने की योजना है। यात्रियों के लिए यह सफर न केवल आधुनिक होगा, बल्कि शोर-मुक्त भी होगा।
विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों ने रेलवे के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि हाइड्रोजन ट्रेनें भविष्य का परिवहन हैं और इससे डीजल की भारी खपत में कमी आएगी। रेल मंत्री ने भी आश्वासन दिया है कि सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा गया है। भारत अब उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनके पास अपनी हाइड्रोजन तकनीक है।
